कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।

ग्राउंड रिपोर्ट : मोदी जी! बनारस से उजाड़ दी गई दलित बस्ती, कंपकपाती ठंड में अब कहां जाए ये 40 परिवार?

जेबी सहनी कहती हैं कि मोदी जी गरीबी हटाने की बात करते हैं, लेकिन वास्तव में वो ग़रीबों को ही हटा रहे हैं.

ग्राउंड रिपोर्ट : मोदी जी! बनारस से उजाड़ दी गई दलित बस्ती, कंपकपाती ठंड में अब कहां जाए ये 40 परिवार?

जेबी सहनी कहती हैं कि मोदी जी गरीबी हटाने की बात करते हैं, लेकिन वास्तव में वो ग़रीबों को ही हटा रहे हैं.

दिल्ली में फैक्ट्री हादसों में मजदूरों की मौत को लेकर श्रम मंत्री गोपाल राय के आवास के बाहर ट्रेड यूनियनों का विरोध प्रदर्शन

प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली की सभी फैक्ट्रियों की सुरक्षा ऑडिट और सम्बद्ध विभागों के अधिकारियों व ट्रेड यूनियनों की एक टीम के तत्काल गठन की मांग रखी है.

“कॉलेज में ना शिक्षक हैं ना किताबें, कैसे पढ़ें छात्र”: पिथौरागढ़ के पुस्तक-शिक्षक आंदोलन के समर्थन में दिल्ली में धरना प्रदर्शन

“नेता जी पलायन रोकना चाहते हैं विकास करना चाहते हैं, लेकिन पुस्तकालयों में किताबें और बच्चों को शिक्षा नहीं दे सकते.”

ग्राउंड रिपोर्ट: क्या ईंट भट्ठों पर काम करने वाले महादलितों को बंधुआ मज़दूरी से कभी मुक्ति मिल पाएगी?

न्यूज़सेन्ट्रल24x7 ने बिहार के गया ज़िले में कई गांवों के मज़दूरों से बात कर उनकी मजबूरियां और हालात जानने का प्रयास किया.

विकास का ढिंढोरा पीटने के नाम पर आम जनता के ऊपर हमला कर रही है मोदी सरकारः ‘रेलवे निजीकरण’ के ख़िलाफ़ मजदूरों और कर्मचारियों का धरना प्रदर्शन

प्रदर्शन में शामिल कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार रेलवे को कॉर्पोरेट हाथों में देकर उनकी रोज़ी-रोटी छीन रही है.

ग्राउंड रिपोर्ट: मुज़फ़्फ़रपुर: चमकी बुखार से जिन बच्चों की मौत अस्पताल पहुंचने से पहले ही हो गई, क्या वे सरकार के लिए एक आंकड़ा भी नहीं?

न्यूज़सेंट्रल24x7 ने ग्रामीणों से बातचीत के दौरान जाना कि मृत बच्चों की संख्या सरकारी अनुमानों से काफ़ी अधिक है.

वाह रे BHU! आरक्षण से NET पास करने वाले छात्रों से छीन लिया असिस्टेंट प्रोफेसर बनने का हक

विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार नीरज त्रिपाठी ने जवाब देने से बचते हुए अपने पीआरओ से बात करने की सलाह दी.

लखनऊ में सांप्रदायिकता और पितृसत्ता के ख़िलाफ़ जंग लड़ रहीं प्रो. रूप रेखा वर्मा और उनके संगठन “साझी दुनिया” को जानिए

करीब 20 साल की उम्र में समाज सेवा के क्षेत्र में कदम रखने वाली प्रोफेसर वर्मा 76 साल की उम्र में भी उसी जज़्बे के साथ लगी हुई हैं.

नया क़ानून बनाकर मजदूरों को गुलामी की ओर धकेल रही मोदी सरकार: नए लेबर कोड बिल के ख़िलाफ़ केंद्रीय ट्रेड यूनियन संगठनों ने किया धरना प्रदर्शन

“मोदी सरकार 'वेतन संहिता विधेयक' और 'कार्यस्थल पर सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्यस्थिति संहिता विधेयक लाकर मजदूरों के अधिकारों पर हमला कर रही है.”

RTI में संशोधन लोकतंत्र पर घातक प्रहार: मोदी सरकार के ख़िलाफ़ एकजुट हुए पूर्व सूचना आयुक्त

पूर्व आयुक्तों ने कहा कि इस संशोधन के जरिए सरकार सूचना आयोग की स्वतंत्रता और स्वायत्तता नियंत्रित करना चाहती है.

अन्य कहानियां

वाह रे BHU! आरक्षण से NET पास करने वाले छात्रों से छीन लिया असिस्टेंट प्रोफेसर बनने का हक

विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार नीरज त्रिपाठी ने जवाब देने से बचते हुए अपने पीआरओ से बात करने की सलाह दी.

लखनऊ में सांप्रदायिकता और पितृसत्ता के ख़िलाफ़ जंग लड़ रहीं प्रो. रूप रेखा वर्मा और उनके संगठन “साझी दुनिया” को जानिए

करीब 20 साल की उम्र में समाज सेवा के क्षेत्र में कदम रखने वाली प्रोफेसर वर्मा 76 साल की उम्र में भी उसी जज़्बे के साथ लगी हुई हैं.

नया क़ानून बनाकर मजदूरों को गुलामी की ओर धकेल रही मोदी सरकार: नए लेबर कोड बिल के ख़िलाफ़ केंद्रीय ट्रेड यूनियन संगठनों ने किया धरना प्रदर्शन

“मोदी सरकार 'वेतन संहिता विधेयक' और 'कार्यस्थल पर सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्यस्थिति संहिता विधेयक लाकर मजदूरों के अधिकारों पर हमला कर रही है.”

RTI में संशोधन लोकतंत्र पर घातक प्रहार: मोदी सरकार के ख़िलाफ़ एकजुट हुए पूर्व सूचना आयुक्त

पूर्व आयुक्तों ने कहा कि इस संशोधन के जरिए सरकार सूचना आयोग की स्वतंत्रता और स्वायत्तता नियंत्रित करना चाहती है.

दिल्ली में फैक्ट्री हादसों में मजदूरों की मौत को लेकर श्रम मंत्री गोपाल राय के आवास के बाहर ट्रेड यूनियनों का विरोध प्रदर्शन

प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली की सभी फैक्ट्रियों की सुरक्षा ऑडिट और सम्बद्ध विभागों के अधिकारियों व ट्रेड यूनियनों की एक टीम के तत्काल गठन की मांग रखी है.

“कॉलेज में ना शिक्षक हैं ना किताबें, कैसे पढ़ें छात्र”: पिथौरागढ़ के पुस्तक-शिक्षक आंदोलन के समर्थन में दिल्ली में धरना प्रदर्शन

“नेता जी पलायन रोकना चाहते हैं विकास करना चाहते हैं, लेकिन पुस्तकालयों में किताबें और बच्चों को शिक्षा नहीं दे सकते.”

ग्राउंड रिपोर्ट: क्या ईंट भट्ठों पर काम करने वाले महादलितों को बंधुआ मज़दूरी से कभी मुक्ति मिल पाएगी?

न्यूज़सेन्ट्रल24x7 ने बिहार के गया ज़िले में कई गांवों के मज़दूरों से बात कर उनकी मजबूरियां और हालात जानने का प्रयास किया.

विकास का ढिंढोरा पीटने के नाम पर आम जनता के ऊपर हमला कर रही है मोदी सरकारः ‘रेलवे निजीकरण’ के ख़िलाफ़ मजदूरों और कर्मचारियों का धरना प्रदर्शन

प्रदर्शन में शामिल कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार रेलवे को कॉर्पोरेट हाथों में देकर उनकी रोज़ी-रोटी छीन रही है.

ग्राउंड रिपोर्ट: मुज़फ़्फ़रपुर: चमकी बुखार से जिन बच्चों की मौत अस्पताल पहुंचने से पहले ही हो गई, क्या वे सरकार के लिए एक आंकड़ा भी नहीं?

न्यूज़सेंट्रल24x7 ने ग्रामीणों से बातचीत के दौरान जाना कि मृत बच्चों की संख्या सरकारी अनुमानों से काफ़ी अधिक है.

राय

भारत को अंधेरे खोह में लेकर जाता अयोध्या पर सुप्रीम कोर्ट का फ़ैसला

कई बौद्ध स्तूपों को तोड़ कर मंदिर बना दिए गए. तो क्या हम इन मंदिरों की जगह पर फिर से बौद्ध स्तूप बनाने की वकालत करेंगे? भारत के उन आदिवासी समूहों के पूजा स्थलों का क्या जिन्हें बलपूर्वक हिन्दू धर्म स्थलों में बदल दिए गए?

राय

भारत को अंधेरे खोह में लेकर जाता अयोध्या पर सुप्रीम कोर्ट का फ़ैसला

कई बौद्ध स्तूपों को तोड़ कर मंदिर बना दिए गए. तो क्या हम इन मंदिरों की जगह पर फिर से बौद्ध स्तूप बनाने की वकालत करेंगे? भारत के उन आदिवासी समूहों के पूजा स्थलों का क्या जिन्हें बलपूर्वक हिन्दू धर्म…

देश पर थोपा जा रहा “एक समान सोच” का बोझ, असहमति की आवाज़ पर बरसाई जा रही लाठियां

देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने 1952 और 1957 के चुनाव में कहा था कि मैं एक नहीं, दो नहीं बल्कि अपने जीवन का सारा चुनाव हारने को तैयार हूं पर धर्म-निरपेक्षता से कभी समझौता नहीं करूंगा.

अपना योगदान दें

न्यूज़सेंट्रल24×7 को योगदान दें और सत्ता में बैठे लोगों को जवाबदेह बनाने में हमारी मदद करें।

NC24x7 को अपना योगदान दें

आज आएगा अयोध्या मामले का फ़ैसला, बंद कर दें न्यूज़ चैनल और सामान्य रहें: रवीश कुमार

किसी एंकर के चिल्लाने से तनाव मत लीजिए. मुस्कुराइये. जो घबराया हुआ मिले उसे पकड़ कर चाय पिलाइये. कहिए रिलैक्स. टेंशन मत लो.

अल्पसंख्यकों के संवैधानिक अधिकारों पर संकट, फैलेगी साम्प्रदायिकता की आग: मोदी सरकार 2.0 को लेकर कुछ सम्भावनाएँ और डर

यह सूची है उन कार्यों की जो मैं उम्मीद करता हूँ कि यह सरकार कभी ना करे. लेकिन साथ ही डरता भी हूँ कि ऐसा किया जाएगा.

ये मत पूछिए मोदी नहीं तो कौन, ये पूछिए मोदी फिर आएगा तो क्या होगा?- हर्ष मंदर

2019 में 2014 वाला विकास का पेड़ कट चुका है. उसके ‘अच्छे दिन’ के हरे पत्ते सूख कर झड़ चुके हैं. जो बचा है वो सिर्फ़ नफ़रत की शाखाएं हैं और जहर व अलगाववाद की जड़े हैं.

साध्वी प्रज्ञा की लोकसभा दावेदारी अपवाद नहीं- ये दौर सिर्फ़ बेशर्म राजनीति का दौर है

यह दावेदारी, संकल्प पत्र और ऐसे बयान यह इशारा करते हैं कि अगर इन्हें सत्ता पर दोबारा कब्ज़ा मिला तो पहले से ज़्यादा कट्टरपंथी राजनीति देखने को मिलेगी.

नए हिंदुस्तान का नया इंसाफ- गुरुग्राम की हिंसा आम हो चुकी हमारी बीमार सोच का हिस्सा है.

हर बार की तरह, यहां भी मज़लूम ही गुनहगार बन गया है. पुलिस ने पीड़ितों के खिलाफ़ भी केस दर्ज कर दिया है. वो अब हर तरह से टूट चुके हैं.

अभिव्यक्ति की आजादी को कुचलने का सरकारी हथियार है राजद्रोह कानून, अमेरिका जैसे देश से भी ख़त्म हो गई है इसकी उपयोगिता

भारतीय दंड संहिता में अन्य कई प्रावधान हैं. उनसे राज्य विद्रोही कार्यवाहियों के आरोपियों की मुश्कें कसी जा सकती है.

1947-2019: भारतीय वायुसेना ने कब-कब दुश्मनों के छक्के छुड़ाए, यहां पढ़ें

1971 में भारतीय सेना ने पाकिस्तान को दो टुकड़ों में बांट दिया और लगभग 90,000 पाकिस्तानी सैनिकों को युद्धबंदी बनाकर घुटने टेकने के लिए मजबूर कर दिया.

बिकेगा बिकेगा भारत पेट्रोलियम, विचित्र मंत्री का एलान: रवीश कुमार

अर्थव्यवस्था पतन की ओर अग्रसर है. झूठ चरम पर है. भारत की अर्थव्यवस्था विचित्र मोड़ में चली गई है. इसलिए वित्त मंत्री भी विचित्र मंत्री हो गई हैं.

आज आएगा अयोध्या मामले का फ़ैसला, बंद कर दें न्यूज़ चैनल और सामान्य रहें: रवीश कुमार

किसी एंकर के चिल्लाने से तनाव मत लीजिए. मुस्कुराइये. जो घबराया हुआ मिले उसे पकड़ कर चाय पिलाइये. कहिए रिलैक्स. टेंशन मत लो.

अल्पसंख्यकों के संवैधानिक अधिकारों पर संकट, फैलेगी साम्प्रदायिकता की आग: मोदी सरकार 2.0 को लेकर कुछ…

यह सूची है उन कार्यों की जो मैं उम्मीद करता हूँ कि यह सरकार कभी ना करे. लेकिन साथ ही डरता भी हूँ कि ऐसा किया जाएगा.

नकली खबरों से लड़ें

हमारे ईमेल समाचार पत्र को पढ़ें

आप यह सुविधा कभी भी बंद कर सकते हैं।

ये मत पूछिए मोदी नहीं तो कौन, ये पूछिए मोदी फिर आएगा तो क्या होगा?- हर्ष मंदर

2019 में 2014 वाला विकास का पेड़ कट चुका है. उसके ‘अच्छे दिन’ के हरे पत्ते सूख कर झड़ चुके हैं. जो बचा है वो सिर्फ़ नफ़रत की शाखाएं हैं और जहर व…

साध्वी प्रज्ञा की लोकसभा दावेदारी अपवाद नहीं- ये दौर सिर्फ़ बेशर्म राजनीति का दौर है

यह दावेदारी, संकल्प पत्र और ऐसे बयान यह इशारा करते हैं कि अगर इन्हें सत्ता पर दोबारा कब्ज़ा मिला तो पहले से ज़्यादा कट्टरपंथी राजनीति देखने को मिलेगी.

नए हिंदुस्तान का नया इंसाफ- गुरुग्राम की हिंसा आम हो चुकी हमारी बीमार सोच का हिस्सा है.

हर बार की तरह, यहां भी मज़लूम ही गुनहगार बन गया है. पुलिस ने पीड़ितों के खिलाफ़ भी केस दर्ज कर दिया है. वो अब हर तरह से टूट चुके हैं.

अभिव्यक्ति की आजादी को कुचलने का सरकारी हथियार है राजद्रोह कानून, अमेरिका जैसे देश से भी ख़त्म हो गई है इसकी उपयोगिता

भारतीय दंड संहिता में अन्य कई प्रावधान हैं. उनसे राज्य विद्रोही कार्यवाहियों के आरोपियों की मुश्कें कसी जा सकती है.

1947-2019: भारतीय वायुसेना ने कब-कब दुश्मनों के छक्के छुड़ाए, यहां पढ़ें

1971 में भारतीय सेना ने पाकिस्तान को दो टुकड़ों में बांट दिया और लगभग 90,000 पाकिस्तानी सैनिकों को युद्धबंदी बनाकर घुटने टेकने के लिए मजबूर कर दिया.

अपना योगदान दें

न्यूज़सेंट्रल24×7 को योगदान दें और सत्ता में बैठे लोगों को जवाबदेह बनाने में हमारी मदद करें। NC24x7 को अपना योगदान दें

कांचा इलैया आर्थिक-सामाजिक न्याय की ऐसी आवाज़ हैं जिसे दबाना नामुमकिन है!

इसमें कोई शक नहीं है कि हमारी यूनिवर्सिटियों में मौजूद सत्तापक्ष के लोग सत्ता की मदद से असरदार और अच्छे दलित विद्वानों को बाहर करने पर तुले हैं। उनकी…
You can also read NewsCentral24x7 in English.Click here
+