कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।

सावधान: ख़राब होने लगे 2000 और 500 के नए नोट, घटिया क्वालिटी के काग़जों का हुआ था इस्तेमाल?

आरबीआई के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि भारत में लोग पैसे को साड़ी और धोती में बांध कर रखते हैं, इसीलिए ये नोट ख़राब हो रहे हैं.

दो साल के अंदर ही पांच सौ और दो हजार के नए नोट ख़राब होने लगे हैं. दस रूपए के नए नोटों में भी शिकायत देखने को मिल रही है. ख़बरों के मुताबिक कई बैंकों ने इन नए नोटों को “जारी नहीं करने लायक” की श्रेणी में डाल दिया है.

इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक इन नए नोटों में इस्तेमाल होने वाले कागज पुराने नोटों की अपेक्षा घटिया क्वालिटी के हैं. इनमें दस रूपए के नोटों में इस्तेमाल होने वाले काग़ज में सबसे अधिक शिकायत देखने को मिल रही है. इस रिपोर्ट में कहा गया है कि बेकार श्रेणी के नोटों को एटीएम मशीन में इस्तेमाल नहीं किया जाता है.

अमर उजाला से बातचीत में भारतीय रिज़र्व बैंक के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नोटों की गुणवता में कमी से इनकार किया है. उन्होंने कहा कि नए नोटों में अतिरिक्त सुरक्षा फीचर्स हैं, जिससे जालसाजी करने वालों पर लगाम लगेगी. उन्होंने कहा, “नए नोट बेकार हो रहे हैं, क्योंकि भारत में अधिकतर लोग पैसे को साड़ी और धोती में मोड़कर रखते हैं.”

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