कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।

भाजपा सांसद-विधायक के जूताकांड पर अखिलेश ने साधा निशाना, कहा- पीएम मोदी के घर में घुसकर मारने और सीएम की ठोको जैसी भाषा का परिणाम

बाबू बजरंगी ने जमानत के लिए आंखों की रोशनी चली जाने की बात कही थी.

सुप्रीम कोर्ट ने 2002 के गुजरात सांप्रदायिक दंगों के दोषी बजरंग दल के नेता बाबू बजरंगी को खराब स्वास्थ्य की वजह से जमानत दे दी है. बाबू बजरंगी ने जमानत के लिए आंखों की रोशनी चली जाने का हवाला दिया था.

एनडीटीवी की ख़बर के अनुसार निचली अदातल ने बाबू बजरंगी को उम्रकैद की सजा सुनाई थी. लेकिन बाद में गुजरात हाई कोर्ट ने सजा घटाकर 21 साल कर दी थी. हालांकि इस मामले में बाबू बजरंगी की एक अपील सुप्रीम कोर्ट में अब भी लंबित है.

बाबू बजरंगी साल 2002 में अमहदाबाद के नरोदा पाटिया इलाके में 97 लोगों के कत्लेआम का दोषी है. बजरंग दल और विश्व हिन्दू परिषद से जुड़े लोगों ने भीड़ के रूप में इस क़त्लेआम को अंजाम दिया था.

इस मामले में स्थानीय पुलिस और सुप्रीम कोर्ट की नियुक्त विशेष जांच टीम ने 62 लोगों को अभियुक्त बनाया था. जिमसे 32 लोगों को निचली अदालत ने दोषी करार दिया था.

हालांकि गुजरात हाईकोर्ट ने अपने हालिया आदेश में 32 दोषियों में से 18 लोगों को बरी कर दिया था.

ग़ौरतलब है कि इससे पहले 21 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट ने 4 अन्य आरोपियों उमेशभाई भारवाड़, राजकुमार, हर्षद और प्रकाशभाई राठौड़ को जमानत दे दी थी.

न्यूज़सेंट्रल24x7 को योगदान दें और सत्ता में बैठे लोगों को जवाबदेह बनाने में हमारी मदद करें
You can also read NewsCentral24x7 in English.Click here
+