कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।

खुलासा : मोदी राज में बढ़ा मानव तस्करी का मामला, पिछले 3 सालों में 36 हजार से ज्यादा लोग हुए तस्करी के शिकार

आंकड़ों के मुताबिक साल 2014-16 के बीच कुल 22,167 बच्चे और 13,834 महिलाएं मानव तस्करी का शिकार हुए हैं.

राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक साल 2014-16 के बीच मानव तस्करी के शिकार हुए महिलाओं और बच्चों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है.

राज्यसभा में समाजवादी पार्टी के सांसद सुरेंद्र सिंह नागर के सवाल का जवाब देते हुए केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने बताया कि साल 2014-16 के बीच कुल 22,167 बच्चे और 13,834 महिलाएं मानव तस्करी के शिकार हुए हैं.

द वायर की ख़बर के अनुसार केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने कहा कि भारतीय संविधान की 7वीं अनुसूची के अनुसार पुलिस और सार्वजनिक व्यवस्था राज्य के अंतर्गत आने वाले विषय हैं. इसलिए मानव तस्करी के अपराध की रोकथाम करना राज्य सरकारों और केंद्रशासित प्रदेशों की ज़िम्मेदारी है.

एनसीआरबी की जानकारी के मुताबिक साल 2014 में 5,985 और 2015 में 7,148 बच्चे तस्करी के शिकार हुए. वहीं साल 2016 तक यह आंकड़ा 9,034 तक पहुंच गया. यदि महिलाओं की बात करें तो 2014 में 3,843, साल 2015 में 4,752 और 2016 में 5,239 महिलाएं मानव तस्करी का शिकार हुई हैं.

महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा साल 2016-17 में किए सर्वेक्षण के मुताबिक बाल देखभाल संस्थानों में बच्चों की संख्या तकरीबन 4.73 लाख थी. लेकिन मार्च, 2018 में पेश किए गए सरकारी आंकड़ों में इन संस्थानों में रहने वाले बच्चों की संख्या 2.61 लाख बताई गई है.

You can also read NewsCentral24x7 in English.Click here
+