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तेलंगाना: चुनाव आयोग ने माना – 22 लाख वोटर नहीं दे सके वोट, जनता से मांगी माफ़ी

कांग्रेस के अनुसार चुनाव आयोग ने 2015 से 2018 के बीच के वोटरों का नाम लिस्ट से हटा दिया है.

तेलंगाना में 7 दिसम्बर को हुए विधानसभा चुनाव में 22 लाख मतदाता वोट नहीं दे सके. इस मामले में चुनाव आयोग ने इन 22 लाख मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से ग़ायब होने पर माफ़ी मांगी है. कांग्रेस पार्टी ने इससे पहले आरोप लगाया था कि मतदातों का नाम बिना जानकारी दिए मतदाता सूची से हटा दिया गया है.

गौरतलब है कि मतदान के बाद शुक्रवार शाम को मुख्य चुनाव अधिकारी रजत कुमार ने इस मामले में आयोग की ग़लती स्वीकार की और जो लोग विधानसभा चुनावों में मतदान नहीं कर पाए, उनसे माफ़ी मांगी. लाइव मिंट की एक ख़बर के मुताबिक़, कुमार ने कहा, “मैं सभी लोगों से माफ़ी मांगता हूँ. मुझे कई लोगों ने बताया कि वे वोट नहीं दे सके. यह स्पष्ट रूप से एक ग़लती है.”

कांग्रेस के अनुसार इसीआई ने 2015 से 2018 के बीच के मतदाताओं का नाम सूची से हटा दिया है. पूर्व विधायक शशिधर रेड्डी ने आरोप लगाया कि तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) की सरकार ने चुनाव आयोग के साथ मिलीभगत करके मतदाता सूची में से 30 लाख नाम हटा दिए हैं.

सितम्बर में मुख्या कार्यकारी अधिकारी ने कोई स्पष्टीकरण दिए बिना बताया था कि मतदाता सूची में मतदाताओं की संख्या 2.83 करोड़ से घटाकर 2.61 करोड़ कर दी गई है. उन्होंने इस घोषणा में इन नामों को हटा देने की वजह नहीं बताई थी.

ज्ञात हो कि तेलंगाना के अलावा मध्यप्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़ और मिज़ोरम में हुए विधानसभा चुनाव के मतदान के नतीजे 11 दिसम्बर को घोषित होंगे.

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