कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।

पीएम मोदी का चुनावी स्टंट, योजना के बखान के लिए छपवाया 15 करोड़ का ‘मोदीनामा’

प्रधानमंत्री मोदी द्वारा लिखा गया आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (पीएमजेएवाई) से जुड़ा पत्र आम जनता को भेजा जा रहा है, जिसमें मोदी सरकार की योजनाओं का ब्यौरा दिया गया है

लोकसभा चुनाव से पहले मोदी सरकार अपने योजनाओं का बखान करके एक बार फिर सत्ता पर काबिज होने की कोशिश में लग गई है. प्रधानमंत्री मोदी द्वारा लिखा गया आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (पीएमजेएवाई) से जुड़ा पत्र आम जनता को भेजा जा रहा है. जिसमें मोदी सरकार की योजनाओं का ब्यौरा दिया गया है.

एनडीटीवी की ख़बर के अनुसार केंद्र सरकार द्वारा लगभग 7.5 करोड़ पत्रों की छपाई में 15.75 करोड़ रुपए की राशि खर्च की गई है. प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना नामक एक लिफाफे में दो पेजों का पत्र मौजूद है. पत्र में प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला योजना समेत अन्य योजनाओं का बखान किया गया है. पत्र को ज्यादा प्रभावी बनाने के लिए संदेश को स्थानीय भाषाओं में छपाया गया है. यही नहीं पत्र को जल्द से जल्द घर-घर पहुंचाने के लिए स्पीड पोस्ट का प्रयोग किया जा रहा है. आयुष्मान भारत की सीईओ इंदु भूषण ने बताया कि पत्र की छपाई में खर्च हुई राशि को प्रशासनिक व्यय के रूप में बिल किया गया है. वहीं दूसरी तरफ विपक्षी दलों ने को मोदी सरकार पर चुनावी प्रचार करने का आरोप लगाया है.

इस पर वाम दल का आरोप है कि मई में होने वाले राष्ट्रीय चुनाव से ठीक पहले प्रधानमंत्री का पत्र सीधे नागरिकों को भेजना चुनाव प्रचार है. सीपीएम सांसद एमबी राजेश ने कहा कि प्रधानमंत्री स्वास्थ्य बीमा लाभार्थियों को संबोधित करने वाले एक पत्र में केंद्र सरकार की हर योजना के बारे में बात कर रहे हैं. हर पत्र डाकघर से प्राप्तकर्ता के घर तक स्पीड पोस्ट के रूप में भेजा जा रहा है. हर लिफाफे का लागत मूल्य 40 रुपए तक हो सकता है. इस स्वास्थ्य बीमा का बजट लगभग 2,000 करोड़ रुपए है. यह पैसा कहां से आ रहा है.

ग़ौरतलब है कि राज्य सरकारों की सहमति के बिना प्रधानमंत्री मोदी का पत्र लोगों तक पहुंचाया जा रहा है. केरल के एक अधिकारी ने बताया कि आदेश बहुत साफ है कि पत्र वितरण प्रक्रिया उस दिन शुरू होनी चाहिए जिस दिन पत्र पहुंचे हैं. उन्होंने कहा कि हमें रविवार को पहला बैच प्राप्त हुआ था और उस दिन से पत्र बांटने का काम करना शुरू कर दिया.

केरल से तकरीबन 12 लाख लिफाफे मिले हैं. तिरुवनंतपुरम में पत्र प्राप्त करने वाले विष्णु नामक युवक ने बताया कि बीते बुधवार को उनके घर एक पत्र पहुंचा जिसमें परिवार के सभी लाभार्थियों का नाम था. उन्होंने बताया कि पत्र में प्रधानमंत्री मोदी द्वारा किए गए कार्यों का विवरण था.

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