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अडानी को मोदी सरकार 2.0 का तोहफाः अगले 50 सालों के लिए 6 हवाई अड्डों का करेगा प्रबंधन

यह 6 हवाई अड्डे- अहमदाबाद, गुवाहाटी, जयपुर, लखनऊ, मैंगलोर और तिरुवनंतपुरम हैं.

2019 के लोकसभा चुनाव के बाद केंद्र में एक बार फिर मोदी सरकार के आगमन से गुजरात में स्थित अडानी समूह को अगले 50 सालों के लिए देश के 6 प्रमुख हवाई अड्डों की देखरेख का जिम्मा दे दिया जाएगा.

बिजनेस लाइन की रिपोर्ट के अनुसार इन 6 हवाईअड्डों का प्रबंधन और परिचालन के लिए तकनीकी तौर पर बोलियां लगाई गई थी. जिसमें अडानी समूह ने संचालन, प्रबंधन और अतिरिक्त एयर-साइड टर्मिनलों के विकास इत्यादि के लिए सबसे ऊंची बोली लगाई थी.

यह 6 हवाई अड्डे- अहमदाबाद, गुवाहाटी, जयपुर, लखनऊ, मैंगलोर और तिरुवनंतपुरम हैं.

विजेता की बोली ‘उच्चतम यात्री प्रति रियायत शुल्क’ के आधार पर तय की जाती है कि बोलीदाता भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) को मासिक आधार पर 50 वर्षों के लिए भुगतान करने को तैयार है.

रिपोर्ट के अनुसार, अडानी समूह  सभी हवाई अड्डों को लिज़ पर लेने के लिए विजेता तय हुआ. इसने अहमदाबाद हवाई अड्डे के लिए 177 रुपए प्रति यात्री शुल्क, जयपुर के लिए 174 रुपए, लखनऊ के लिए 171 रुपए, तिरुवनंतपुरम के लिए 168 रुपए, मंगलुरु के लिए 115 रुपए और गुवाहाटी के लिए 160 रुपए का शुल्क तय किया.

अडानी समूह की तरफ से तय की गई दर से एएआई हर साल 525-575 करोड़ रुपए कमाएगा. रिपोर्ट में कहा गया है कि अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए यह दर घरेलू यात्रियों से दोगुनी होगी.

हालांकि, लोकसभा चुनाव को देखते हुए इस सौदे को रोक दिया गया था. क्योंकि, पुराना मंत्रिमंडल ने इस बोली को मंजूरी नहीं दे पाया था.

अडानी समूह जीएमआर, जीवीके और राज्य द्वारा संचालित एएआई में शामिल होंगे, जो भारतीय हवाई अड्डे के कारोबार में नबंर-वन के खिलाड़ी हैं.

पूर्व जीएमआर समूह के कार्यकारी निदेशत सिद्धार्थ कपूर को अडानी के हवाई अड्डों के कारोबार को संभालने के लिए सीईओ के रूप में नियुक्त किया गया है.

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