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ADR रिपोर्टः बेहतर रोज़गार, कृषि संबंधी ग्रामीण मतदाताओं की प्राथमिकताओं को मोदी सरकार ने किया नजरअंदाज

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मोदी सरकार भले ही अपने 5 साल  के कार्यकाल में बड़े-बड़े दावा पेश करती आई हो. लेकिन सरकार के काम की जमीन हकीकत कुछ और ही बयां करती है. एडीआर सर्वे के अनुसार एनडीए सरकार अपने पांच साल के कार्यकाल में जनता की निराशा दूर करने में असफल रही है.

एनडीटीवी की ख़बर के अनुसार इस सर्वे के अनुसार भारत की ग्रामीण जनता की पहली प्राथमिकता बेहतर रोज़गार और कृषि संबंधी समस्याओं का हल करने में सरकार का प्रदर्शन निराशाजनक रहा है.

एसोसिएशन फॉर डेमोक्रैटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) ने 534 लोकसभा क्षेत्र के 2,73,487 लोगों के बीच अक्टूबर से दिसंबर 2018 में यह सर्वे किया था. सर्वेक्षण के रिपोर्ट को एडीआर ने 25 मार्च 2019 को अपनी वेबसाइट पर जारी किया.

ग्रामीण मतदाताओं की उम्मीदों पर सरकार का प्रदर्शन

बेहतर रोज़गार- रिपोर्ट के अनुसार 44.21 फीसदी ग्रामीण वोटर की प्राथमिकता बेहतर रोज़गार थी. लेकिन मोदी सरकार बेहतर रोज़गार उपलब्ध करवाने में फेल रही है.

5 प्वाइंट के स्केल पर बेहतर रोज़गार के मामले में जनता ने एनडीए सरकार को सिर्फ 2.17 प्वाइंट दिए हैं, जो औसत से भी नीचे है.

वहीं, कृषि संबंधी कृषि ऋण, कृषि उत्‍पादों पर अधिकतम मूल्‍य, खाद और बीज पर सब्सिडी, सिंचाई तथा कृषि कार्य के लिए बिजली का आवश्यकता को पूरा करने में भी सरकार का प्रदर्शन औसत से नीचे रहा.

मतदाताओं की उम्मीदों पर सरकार के प्रदर्शन को लेकर सर्वे में भाग लेने वाले कुल मतदाताओं में 64.88 फीसदी पुरुष, 35.12 महिलाओं ने भाग लिया. इसमें 65.28 फीसदी लोगों की उम्र 18 से 40 साल के बीच थी. जिसमें 64.84 फीसदी मतदाता ग्रामीण इलाके से थे.

सर्वे के निष्‍कर्ष में कहा गया है कि पिछले 2 सालों से ज्यादा समय से केंद्र, राज्‍य एवं केंद्र शासित प्रदेश की सरकार ने मतदाताओं की प्राथमिकताओं पर ध्‍यान नहीं दिया.

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