कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।

गुजरात: कॉलेज में भाजपाई छात्र नेताओं की धमकी, जिग्नेश मेवाणी का कार्यक्रम रद्द

इस पूरे मामले में जिग्नेश ने कॉलेज के अधिकारियों की कार्रवाई को कायरता पूर्ण करार दिया

भाजपा सरकार में आए दिन लोगों की बोलने की आज़ादी पर हमले हो रहे हैं. बीते रोज़ जहां गुज़रे ज़माने के मशहूर अभिनेता अमोल पालेकर को मुंबई के एक कार्यक्रम में सरकार की आलोचना करने पर रोक दिया गया. अब ताज़ा मामला गुजरात के अहमदाबाद से सामने आ रहा है.

अहमदाबाद स्थित एच के आर्ट्स कॉलेज में सोमवार को आयोजित वार्षिक उत्सव कार्यक्रम में विधायक जिग्नेश मेवाणी को मुख्य अतिथि के तौर पर आना था. मगर इस बात की भनक लगते ही तथाकथित कुछ भाजपाई छात्र नेताओं ने मेवाणी के विरोध में कथित रूप से कॉलेज प्रशासन और ट्रस्ट पर दबाव डाला. इसके बाद ट्रस्ट की ओर से कार्यक्रम को ही रद्द करने का फैसला किया गया. बता दें कि जिग्नेश, एचके आर्ट्स कॉलेज के ही पूर्व छात्र रहे हैं.

इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए एच के आर्ट्स कॉलेज के प्रिंसिपल, हेमंत कुमार शाह ने बताया , “हमारे कॉलेज का वार्षिक उत्सव कल मनाया जाना था जिसके लिए मुख्य अतिथि के रूप में जिग्नेश मेवाणी को 15-20 दिनों पहले ही उनकी सहमती मिलने के बाद आमंत्रित किया गया था. कॉलेज के पूर्व छात्र होने के कारण जिग्नेश को हम आमंत्रित करना चाहते थे.”

प्रिसिपल के मुताबिक़, इस बात की जानकारी होते ही गुजरात विश्वविद्यालय से सक्रिय रूप से जुड़े हुए कुछ भाजपाई छात्र नेताओं ने नाराज़गी जताते हुए कॉलेज के ट्रस्ट और प्रिसिपल को भी धमकाते हुए कहा कि पुलिस की मौजूदगी होगी तो भी वे समारोह में हंगामा करेंगे.

शाह के अनुसार वे और कॉलेज के वाइस प्रिंसिपल-मोहनभाई परमार, मुख्य अतिथि के रूप में मेवाणी को समारोह में बुलाने के लिए अड़े हुए थे. मगर कॉलेज के ट्रस्ट की ओर से मौजूदा माहौल और कॉलेज के हित का हवाला देते हुए हॉल को आवंटित करने से मना कर दिया गया.
शाह का कहना है कि इसके बाद समारोह को स्थगित करने के अलावा और कोई चारा नहीं बचा था.

घटना से आहत प्रिसिपल शाह ने इसे लोकतंत्र की हत्या बताया. उन्होंने कहा कि हर एक व्यक्ति अपनी बात कहने के लिए स्वतंत्र है. ट्रस्ट के फैसले से वे निराश नज़र आए.

इस पूरे मामले में जिग्नेश ने कॉलेज के अधिकारियों की कार्रवाई को कायरता करार देते हुए कहा, “मैं कल भी समारोह में भाग लेने के लिए तैयार था, और मैं आज भी इसमें भाग लेने के लिए तैयार हूं. ट्रस्टी अपने आप कोई भी फैसला कैसे ले सकते हैं ?”

शाह के अनुसार, कॉलेज के ट्रस्ट (ब्रह्मचारी वादी ट्रस्ट) में प्रसिद्ध वास्तुकार बी वी दोषी, जानेमाने साहित्यकार रघुवीर चौधरी और कुमारपाल देसाई जैसे व्यक्तित्व हैं. दोशी और देसाई पद्म पुरस्कार विजेता हैं, जबकि चौधरी ज्ञानपीठ पुरस्कार प्राप्त व्यक्ति हैं.

इस पूरे मामले पर ट्रस्ट के सचिव, अमरीश शाह से कई कोशिशों के बाद भी अभी तक बात नहीं की जा सकी है. इस बीच गुजरात में भाजपा की युवा शाखा, ‘भारतीय जनता युवा मोर्चा’ (BJYM) के अध्यक्ष ऋत्विज पटेल ने इस विवाद के साथ अपने संगठन के किसी भी तरह के जुड़ाव होने का खंडन करते हुए कहा, “हम इस तरह की सतही राजनीति में विश्वास नहीं करते हैं. हमारा इससे कोई लेना-देना नहीं है.”

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