कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।

दिल्लीवालों को राहत, वायु गुणवत्ता में काफी सुधार लेकिन सोमवार से स्थिति खराब होने की चेतावनी

अधिकारी ने कहा, ‘‘एक्यूआई सोमवार को ‘बहुत खराब’ के निचले स्तर पर पहुंचने की आशंका है क्योंकि वायुमंडल कुल मिलाकर साफ है.’’

दिल्लीवालों ने रविवार को चैन की सांस ली जब हवा की रफ्तार बढ़ने से और सरकार द्वारा लागू नियंत्रण उपायों के कारण वायु गुणवत्ता में काफी सुधार आया. हालांकि अधिकारियों ने सोमवार से हवा की स्थिति बहुत खराब होने की चेतावनी दी है.

रविवार को संपूर्ण वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 169 पर दर्ज किया गया जो ‘सामान्य श्रेणी’ में आता है. सुबह यह आंकड़ा 231 पर दर्ज किया गया था जो कि ‘खराब’ श्रेणी के तहत आता है. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने ये डेटा जारी किये.

केन्द्र द्वारा संचालित ‘सिस्टम ऑफ एयर क्वालिटी फारकास्टिंग एंड रिसर्च’ के एक अधिकारी ने कहा कि वायु गुणवत्ता में सुधार का कारण सतह पर वायु की गति पांच किलोमीटर प्रति घंटे तक बढना है. यह प्रदूषण करने वाले तत्वों को बहा ले गया. इसके अलावा अधिकारियों द्वारा उठाए गए नियंत्रण उपायों ने भी इसमें योगदान दिया.

शुक्रवार को एक्यूआई 370 पर था जो शनिवार को घटकर 336 हो गया था.

अधिकारी ने कहा कि यह पाया गया कि पीएम 2.5 उत्सर्जन 432 टन प्रति दिन से घटकर 370 टन प्रति दिन हो गया.

संगठन ने कहा कि सोमवार शाम से नमी बढ़ने की बहुत संभावना है जो प्रदूषण स्तर को बढ़ा सकता है.

अधिकारी ने कहा, ‘‘एक्यूआई सोमवार को ‘बहुत खराब’ के निचले स्तर पर पहुंचने की आशंका है क्योंकि वायुमंडल कुल मिलाकर साफ है.’’

भारतीय उष्णदेशीय मौसम विज्ञान संस्थान ने कहा कि भारत के उत्तरपश्चिम क्षेत्र में पराली जलाने की घटनाएं शनिवार को गुरुवार की तुलना में कम रहीं लेकिन संगठन ने सोमवार से पीएम 2.5 के आंकड़े में तेजी से बढोत्तरी होने की चेतावनी दी.

संस्थान ने कहा, ‘‘अगर भारत के उत्तरपश्चिम क्षेत्र में रविवार और सोमवार को बड़ी मात्रा में पराली जलाना जारी रहता है तो दिल्ली के ऊपर इसका असर आने की बहुत आशंका है और एक्यूआई ‘बहुत खराब’ श्रेणी के ऊपरी स्तर पर पहुंच सकता है.’’

उन्होंने कहा कि हवा की उत्तरपश्चिम दिशा में मंगलवार और बुधवार को पराली के जलने से पैदा गैसों का प्रभाव महसूस किया जा सकता है.

दिल्ली में अधिकारियों ने प्रदूषण से निपटने के लिए कई प्रयास किये हैं जिसमें निर्माण कार्य को रोकने सहित यातायात संबंधी गतिविधियों पर नियंत्रण लगाना शामिल है.

दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) ने यातायात विभाग और यातायात पुलिस को निर्देश दिया है कि वह 1-10 नवंबर के बीच प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों की जांच करें और यातायात की भीड़ को नियंत्रित करें.

प्रदूषण गतिविधियों की निगरानी रखने, तत्काल कार्रवाई करने के लिए 1-10 नवंबर तक ‘क्लीन एयर कैंपेन’ चलाया जा रहा है.

रविवार को टीमों ने कुल 83,55,000 रुपये का कुल जुर्माना वसूला.

दिल्ली-एनसीआर में इस अभियान के तहत शुक्रवार और शनिवार को नियमों का उल्लंघन करने वालों से कुल 80 लाख रुपये का जुर्माना वसूला गया.

टीमें दिल्ली के अलावा फरीदाबाद, गुरूग्राम, गाजियाबाद और नोएडा के विभिन्न भागों का दौरा कर रही हैं.

दिल्ली वालों ने बीते तीन सप्ताह से ‘गंभीर’ श्रेणी में चल रही हवा के स्तर में सुधार का स्वागत किया.

मयूर विहार की निवासी सरिता माथुर ने कहा, ‘‘मैंने हफ्तों बाद अपने बच्चों को खेलने के लिए बाहर भेजा. मुझे आशा है कि वायु गुणवत्ता अंतत: सुधरेगी और हम साफ सुथरी दिवाली मना पाएंगे.’’

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