कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।

जिन पुरुषों पर यौन उत्पीड़न का आरोप, उनसे किसी प्रकार का संबंध न रखें- महेश भूपथी

भूपथी ने लिखा है, "देश भर में महिलाएं अपने उत्पीड़न की भयानक कहानियों को साझा कर रही हैं। लेकिन, ज़्यादातर लोग जो ऊंचे पद पर हैं, प्रभावशाली स्थिति में हैं, जैसा कि उन्हें लोकप्रिय रूप से बुलाया जाता है, उन्होंने इस मामले पर चुप रहना चुना है।"

शुक्रवार को पूर्व टेनिस स्टार महेश भूपथी ने ट्विटर पर एक मज़बूत बयान लिखा जिसमें उन्होंने ऊंचे पद पर बैठे लोगों से कहा है कि जिन-जिन पुरुषों पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया गया है, उनके साथ किसी भी तरह का संबंध नहीं रखना चाहिए।

भूपथी  ने लिखा है, “देश भर में महिलाएं अपने उत्पीड़न की भयानक कहानियों को साझा कर रही हैं। लेकिन, ज़्यादातर लोग जो ऊंचे पद पर हैं,प्रभावशाली स्थिति में हैं, जैसा कि उन्हें लोकप्रिय रूप से बुलाया जाता है, उन्होंने इस मामले पर चुप रहना चुना है।”

उन्होंने इस बात पर चर्चा की किया कि कैसे पूर्व मिस यूनिवर्स और अभिनेत्री लारा दत्ता भूपति ने एक डिजिटल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म को बताया कि वह कास्टिंग डायरेक्टर मुकेश छाबरा की कंपनी के माध्यम से किसी भी काम को स्वीकार नहीं करेंगी।

उन्होंने कहा, “ऐसा करना सही बात हो सकती है, लेकिन, मैं नहीं मानता कि इतना ही पर्याप्त है।  ज़्यादा कुछ न कहते हुए भी भूपति ने कहा, “फ़िल्म उद्योग ने आंदोलन का समर्थन करने से इनकार कर दिया है। हालांकि, साजिद ख़ान अब हाउसफ़ुल-4 को निर्देशित नहीं कर रहे हैं, लेकिन क्या इतना करना पर्याप्त है?

उन्होंने इस बात पर भी ध्यान दिलाया कि कैसे “देश के प्रसिद्ध और शक्तिशाली” लोग जिनकी सुहेल सेठ के साथ बहस‌ भी हुई है, फिर भी किसी ने उनके ख़िलाफ़ लगे आरोपों पर बात नहीं की है। पुरुषों को यह समझना चाहिए कि यदि आप अन्याय की तरफ़ एक मूक दर्शक बने रहे हैं तो अब चीज़ों को सही करने का आपके पास मौका है।”
“मुझे लगता है कि लोगों के लिए यह समझना महत्वपूर्ण है कि #Metoo आंदोलन में जिन पर भी आरोप लगाया गया है, वे आरोपी क्या करते रहे थे। वे व्यवस्थित रूप से महिलाओं का “शिकार” कर रहे थे और कुछ मामलों में पुरुष, जो कि अपने सपनों को साकार करने की कोशिश में लगे हुए थे ताकि कोई नौकरी कोई फ़िल्म में भूमिका या पदोन्नति‌ या एक ब्रेक मिल जाए।”

उन्होंने कहा कि उन्हें बोलने के लिए इसलिए प्रेरित हुए क्योंकि फ़िल्म जगत में से किसी ने उन्हें बताया  किया कि फिल्म जगत में हर कोई इस आंदोलन के कुछ समय में ठंडे पड़ने का इंतज़ार कर रहा है जिसके बाद वहां चीज़े पहली जैसी हो जाएंगी।
उन्होंने कहा, “मैं भी कई लोगों की तरह चुप रहने के लिए दोषी हूँ। मैंने उत्पीड़न की कई कहानियों को परोक्ष या अपरोक्ष रूप से सुना है, लेकिन मैंने उन्हें अनदेखा करना चुना क्योंकि ‘व्यवसाय व्यवसाय है’। लेकिन अब ऐसा नहीं है।”

उन्होंने कहा कि वह सुहेल सेठ, विकास बहल,अनिरबान ब्लाह, चेतन भगत, साजिद ख़ान और अनु मलिक के साथ सभी संबंध ख़त्म कर देंगे। वे पहले व्यक्तिगत रूप या व्यावसायिक रूप से इनके साथ जुड़े हुए थे।
उन्होंने लिखा मेरा उन सभी लोगों से, जो बड़े-बड़ेसामाजिक मंचों से लोगों के बीच प्रभावशाली हैं। एक साधारण अपील है कि वो ऐसे लोगों के साथ मिलना-जुलना बंद करें। इन “सीरियल अपराधियों” को ख़ुद से अलग करें। उन्हें बताएं कि जब तक क़ानून और जांच एजेंसियां अपना वक़्त लेंगी तब तक समाज को उन्हें अस्वीकार करना चाहिए और ऐसा करेगा।”

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