कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।

खुलेआम भारतीयों को बेवकूफ बनाने की बात कर रहे हैं अमित शाह, कहा – फ़र्ज़ी खबर भी वायरल कर सकते हैं हम

शाह ने पार्टी के सोशल मीडिया कार्यकर्ताओं से बात करते हुए बड़े-बड़े व्हाट्सएप समूह बनाने पर ज़ोर दिया।

भाजपा की सोशल मीडिया इकाई (आईटी सेल) वैसे तो झूठी खबरें और अफवाएं फैलाने का काम अब तक धड़ल्ले से करती आई है लेकिन इस बार मोदी जी के प्रिय अमित भाई शाह ने खुले तौर पर भाजपा के सोशल मीडिया कार्यकर्ताओं को ऐसा करने की हरी झंडी दिखा दी।

द वायर की एक ख़बर के मुताबिक़ राजस्थान में पार्टी के सोशल मीडिया कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि समूह के पास ताक़त है किसी भी सन्देश को वायरल करने की, चाहे वह सन्देश सच हो झूठ।

अपने संबोधन में शाह ने कहा, “हमें सोशल मीडिया के ज़रिये राष्ट्रीय एवं राज्य स्तर पर सरकारें बनानी हैं। संदेशों को वायरल करते रहें। हमने उत्तर प्रदेश में 32 लाख लोगों का व्हाट्सएप समूह बनाया है जिसमे हर रोज़ सुबह 8 बजे एक सन्देश भेजी जाती है।”

 शाह ने कार्यकर्ताओं से कहा, “उत्तर प्रदेश में एक साल पहले जो चुनाव हुआ, चुनाव के अंदर भाजपा के सोशल मीडिया कार्यकर्ताओं ने दो बड़े व्हाट्सएप समूह बनाए। एक 15 लाख का और एक 17 लाख का। और रोज़ सुबह 8 बजे वो भेज देते थे ‘सत्य जानें’। अख़बार जो भी भाजपा के लिए ग़लत प्रकार की ख़बरें भेजता था, उसकी सच्चाई को व्हाट्सएप पे दाल देते थे। और व्हाट्सएप पर वो वायरल हो जाती थी। और जिस अख़बार ने कुछ छापा है उस पर सोशल मीडिया और जनता भी टूट पड़ती थी कि भाई झूठ क्यों छापा है, आप सच छापिये। ये करते-करते धीरे-धीरे मीडिया भी न्यूट्रल हो गई।”

शाह ने आगे कहा, “मेरे यहाँ एक लड़का था। उसने कुछ चालाकी कर दी। मैंने कहा था नीचे से ऊपर मेसेज जायेगा, ऊपर से नीचे। उसने ग्रुप पे मेसेज डाला, ‘अखिलेश ने मुलायामजी को चांटा मारा’। अब मारा नहीं! मुलायामजी और अखिलेशजी 600 कि.मी. दूर थे। मगर उसने दाल दिया। सारी जगह फ़ैल गया। चल गया! ऐसा करना नहीं चाहिए मगर उसने एक प्रकार का माहौल फैला दिया। काम तो है करने जैसा मगर करना मत (भीड़ हसने लगी)!

शाह ने अपनी बात पर ज़ोर देते हुए कहा, “हम जो चाहें वो सन्देश जनता तक पहुंचा सकते हैं, चाहे खट्टा हो या मीठा हो, सच्चा हो या झूठा हो। यह काम कर सकते हैं, मगर वो इस लिए हो पाया, हम 32 लाख व्हाट्सएप का एक ग्रुप बना के खड़े थे। तब जाकर ये फैलने का काम हुआ।”

गौरतलब है 2019 में राजस्थान में विधान सभा चुनाव एवं देश भर में लोक सभा चुनाव होने वाले हैं और इसकी तैयारी के रूप में कोटा में शाह पार्टी के सोशल मीडिया कार्यकर्ताओं यह हिदायत दे रहे थे। अजीब बात यह कि इस वर्ष जुलाई में ही नई दिल्ली में हुई एक बैठक में शाह ने अपने सोशल मीडिया ‘योद्धाओं’ को झूठी खबरें पोस्ट करने से मना किया था यह कहकर कि इससे उनकी विश्वसनीयता पर चोट पहुँच सकता है। लेकिन अब उनका यह भाषण उनके सोशल मीडिया ‘योद्धाओं’ तक कुछ और ही सन्देश पहुंचा रहा है।

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