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अनिल अंबानी से जुड़े न्यायिक आदेश में छेड़छाड़ के आरोप में सुप्रीम कोर्ट ने दो कर्मचारियों को बर्ख़ास्त किया

इस मामले को लेकर एरिक्सन के वकील की ओर से अदालत को सूचित किया गया जिसके बाद 10 जनवरी को एक सही आदेश वेबसाइट पर अपलोड किया गया.

रिलायंस कम्युनिकेशन और अनिल अंबानी के ख़िलाफ़ दायर की गई टेलिकॉम कंपनी एरिक्सन की अवमानना याचिका में दिए अपने आदेश के साथ छेड़छाड़ करने के लिए दो कोर्ट मास्टर्स, मानव शर्मा और तपन कुमार चक्रवर्ती को कोर्ट ने बर्ख़ास्त किया है. दोनों असिस्टेंट रजिस्ट्रार के पद पर कार्यरत थे.

जनसत्ता की ख़बर के मुताबिक़ 7 जनवरी को दिए अपने विचाराधीन आदेश में कोर्ट ने अनिल अंबानी को नोटिस जारी करते हुए, अदालत में निजी तौर पर मौजूद रहने को कहा था, मगर जब यह आदेश वेबसाइट पर अपलोड किया गया, तो इसमें फेरबदल कर दिए गए थे. अपलोड किए गए आदेश में “NOT” शब्द के ना होने से ऐसा संकेत गया कि अनिल अंबानी को निजी तौर पर पेश रहने से छूट मिली है.

इस मामले को लेकर एरिक्सन के वकील की ओर से अदालत को सूचित किया गया जिसके बाद 10 जनवरी को एक सही आदेश वेबसाइट पर अपलोड किया गया.

शुरुआती जांच में न्यायिक आदेश से छेड़छाड़ के संकेत मिलने के बाद चीफ़ जस्टिस रंजन गोगोई की ओर से प्रशासनिक आदेश जारी कर, दोनों कर्मचारियों को बर्ख़ास्त कर दिया गया.

इस बीच, कल अदालत ने एक दिन की सुनवाई के बाद रिलायंस कम्युनिकेशन और अनिल अम्बानी के ख़िलाफ़ दायर अवमानना याचिका में अपना फ़ैसला सुरक्षित रख लिया है.

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