कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।

खुलासा: एक ही पते से चल रही है अनिल अंबानी ग्रुप की 122 कंपनियां

सभी कंपनियां सांताक्रूज (पूर्व) मुंबई के एक ही पते पर स्थित हैं.

एक तरफ पीएम मोदी आर्थिक भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए शेल कंपनियों यानी फर्जी कंपनियों को जड़ से मिटाने का दावा करते हैं. वहीं, दूसरी तरफ़ उनके करीबी अनिल धीरूभाई अंबानी (ADA) समूह की 120 कंपनियों की पहचान की गयी है, जो सांताक्रूज (पूर्व) मुंबई में एक ही पते पर स्थित है. मनीलाइफ़ नामक एक वेबसाइट ने यह जानकारी दी है.

मनीलाइफ़ के मुताबिक ZaubaCrop की एक खोज में पता चला है कि 122 से अधिक कंपनियों का पता “502, प्लॉट नंबर 91/94, प्रभात कॉलोनी सांता क्रूज़ (पूर्व) मुंबई सिटी एमएच 400055 IN” दर्ज कराया गया है. रिलायंस एयरोस्ट्रक्चर लिमिटेड, रिलायंस हेलीकॉप्टर्स लिमिटेड, रिलायंस डिफ़ेंस इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड जैसी कई कंपनियां एक ही पते पर दर्ज हैं. इसके अनुसार लगभग सभी कंपनियों का ईमेल आईडी या तो rinfra.mcafiling@relianceada.com या murli.purohit@relianceada.com है.

रिलायंस डिफेंस के दो निदेशक हैं- ललित जालान और सतेश सेठ. दोनों अनिल अंबानी के प्रमुख विश्वासपात्र हैं और रिलायंस एडीए समूह की कई कंपनियों के निदेशक भी हैं. उदाहरण के तौर पर, जालान को रिलायंस डिफेंस सिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड, रिलायंस एसईडी लिमिटेड, रिलायंस डिफेंस एंड एयरोस्पेस प्राइवेट लिमिटेड और रिलायंस वेलोसिटी लिमिटेड के निदेशक के रूप में दिखाया गया है. उन्हें बीएसईएस यमुना पावर लिमिटेड और बीएसईएस राजधानी पावर लिमिटेड में नामित निदेशक के रूप में भी दिखाया गया है.

वहीं, सतीश सेठ रिलायंस पावर लिमिटेड, रिलायंस इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड, रिलायंस टेलीकॉम लिमिटेड, रिलायंस अनिल धीरूभाई अंबानी ग्रुप लिमिटेड, रिलायंस इंटरनेट सर्विसेज लिमिटेड जैसी कंपनियों के साथ निदेशक के तौर पर जुड़े हुए हैं. सतीश सेठ 20 अप्रैल 2018 को मुंबई मेट्रो वन प्राइवेट लिमिटेड के नामित निदेशक भी बनाए गए हैं. सेठ अनिल अंबानी के जाने-माने विश्वासपात्र भी हैं. इसलिए एरिक्सन मामले में 4545 करोड़ रूपये का भुगतान नहीं करने पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार जेल की सजा भी भुगत सकते हैं.

मुकेश और अनिल अंबानी के व्यवसायों के विभाजन के बाद, श्री जेसुदासन अनिल अंबानी के प्रमुख सहयोगी के रूप में एडीए समूह में चले गए. दोनों ने 3 अक्टूबर 2018 को रिलायंस डिफेंस से कदम रखा.

वहीं, अन्य कंपनियों के निदेशक जो रिलायंस डिफेंस का समान पता साझा कर रहे हैं, वे भी अन्य एडीए समूह की कंपनियों के साथ जुड़े हुए हैं. जैसे की रिलायंस एयरोस्ट्रक्चर के निदेशक राजेश कमल बग्गा हैं. इसके साथ ही वह नौ अन्य कंपनियों के निदेशक भी हैं. जिनमें रिलायंस अनमैन्ड सिस्टम्स लिमिटेड, रिलायंस नेवल सिस्टम्स लिमिटेड, रिलायंस डिफेंस टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड और रिलायंस डिफेंस इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड शामिल हैं. ध्यान देने योग्य बात यह है कि इनमें से ज्यादातर कंपनियों के पास 1 लाख रुपए की चुकता पूंजी है और 10 से कम कर्मचारी हैं. इनमें से कई कंपनियों के नाम एएए रिसोर्सेज पी लिमिटेड, एएए इंफोसर्विसेज लिमिटेड, एएए सिनक्रिसियन सर्विसेज पी है.

एक और दिलचस्प पहलू यह है कि हथियारों और आयुध के नाम पर भी कई कंपनियां दर्ज है. जैसे कि रिलायंस अम्मुनिशन प्राइवेट लिमिटेड, रिलायंस आर्मामेंट्स प्राइवेट लिमिटेड. यहां तक कि एक डसॉल्ट रिलायंस एरोस्पेस प्राइवेट लिमिटेड डसॉल्ट भी शामिल है, जो विवादास्पद राफेल विमान का निर्माता है.

मनीलाइफ़ के मुताबिक एक ही पते का उपयोग करके समूह की इतनी सारी कंपनियों की उपस्थिति के बारे में पूछने के लिए रिलायंस एडीए समूह को एक ईमेल भेजा है. हालांकि, अब तक इमेल का कोई जबाब नहीं मिला है.

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