कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।

नहीं, अर्नब गोस्वामी ने प्रधानमंत्री से कोई भावनात्मक अपील नहीं की

ऑल्ट न्यूज़ की पड़ताल

“प्रिय प्रधानमंत्री, हम आपके जैसे व्यक्ति के लायक नहीं हैं। देश की आबादी का प्रमुख हिस्सा आपके काम का मूल्यांकन नहीं कर पा रहा है। आप दिन में 16 घंटे से अधिक समय तक काम करते हैं।” यह कथित पत्र रिपब्लिक टीवी के मुख्य संपादक अर्नाब गोस्वामी द्वारा लिखे होने के दावे के साथ सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ है। ऐसा भी दावा किया जा रहा है कि यह पत्र गोस्वामी ने भारतीय जनता पार्टी के सभी पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव हार जाने के बाद लिखा है। यह पत्र पाठकों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों के बारे में भावनात्मक अपील करता है और उन्हें उनके कामो का सही मूल्यांकन ना कर पाने के लिए दोषी भी ठहराता है।

कई यूजर्स ने फेसबुक और ट्विटर पर गोस्वामी के नाम के साथ इस पत्र को शेयर किया है। द क्विंट से बात करते हुए, अर्नब गोस्वामी ने इस तरह के किसी भी पत्र के लिखने से इंकार किया है।

तीन साल पुराना पत्र

2015 से यह पत्र सोशल मीडिया पर घूम रहा है। 26 नवंबर, 2015 को फेसबुक यूजर अभिषेक चोपड़ा द्वारा यह पत्र पोस्ट किया गया था, ऑल्ट न्यूज़ की खोज के मुताबिक इसी समय यह पत्र सबसे पहले सोशल मीडिया में शेयर किया गया था। इस पोस्ट के मुताबिक, उस समय इस पत्र को APC (एपीसी) नाम के साथ शेयर किया गया था ना की अर्नब गोस्वामी के नाम के साथ।

पत्र पढ़ने से यह स्पष्ट होता है कि इसे नवंबर 2015 में बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजे घोषित होने के बाद ही लिखा गया था। शंखनाद जो एक ऑनलाइन पोर्टल है और गलत जानकारी और सांप्रदायिक रूप से बांटने वाली खबरे फैलाने के लिए कुख्यात है, ने मार्च 2016 में इस पत्र को सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था। उस समय इसे 1,71,000 से अधिक लोगो ने शेयर किया था।

शंखनाद  की इस पोस्ट को मार्च 2016 में डीएनए समाचार पत्र द्वारा रिपोर्ट किया गया था।

पहले भी हमने कई मौको पर ऐसा देखा हैं जब किसी सामन्य व्यक्तियों के नाम लिखी गई पोस्ट को धोके से किसी प्रसिद्ध व्यक्ति के नाम से जोड़कर शेयर कर दिया जाता है।

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