कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।

“पूरे मुल्क में नफ़रत और जुल्म का बेखौफ़ नाच जारी है..इनके ख़िलाफ़ आवाज़ उठाने वालों को जेलों में डाला जा रहा है” नसीरुद्दीन शाह ने जताई चिंता, विडियो देखें

एमनेस्टी द्वारा जारी एक विडियो के जरिए अभिनेता ने कहा कि भारत में धर्म के नाम पर नफ़रत की दीवारें खड़ी की जा रही हैं और जो लोग इस अन्याय के ख़िलाफ़ खड़े हैं, उन्हें दंडित किया जा रहा है.

बॉलीवुड अभिनेता नसीरुद्दीन शाह हाल ही में देश के माहौल पर अपने दिए बयान को लेकर सुर्खियों में बने हुए हैं. शाह ने एक बार फिर अभिव्यक्ति की आजादी के मुद्दे को लेकर केंद्र सरकार को घेरा है. एमनेस्टी द्वारा जारी एक विडियो के जरिए अभिनेता ने कहा कि भारत में धर्म के नाम पर नफ़रत की दीवारें खड़ी की जा रही हैं और जो लोग इस अन्याय के ख़िलाफ़ खड़े हैं, उन्हें दंडित किया जा रहा है. इस विडियो को मानवाधिकार संगठन एमनेस्टी इंडिया ने टि्वटर पर शेयर किया है.

एमनेस्टी के 2 मिनट से ज़्यादा के इस विडियो में नसीरुद्दीन शाह ने कहा कि जो लोग मानवाधिकार की मांग को उठा रहे हैं उन्हें जेल में डाला जा रहा है. उन्होंने दावा किया कि धर्म के नाम पर नफ़रत की दीवार खड़ी की जा रही है. निर्दोषों को बेवजह ही मारा जा रहा है. नसीरुद्दीन शाह ने आगे इस वीडियो में कहा कि इस देश में कलाकार, अभिनेता, शोधार्थियों, कवियों और पत्रकार सभी चुप हैं. उन्होंने कहा कि हमारा देश एक लोकतांत्रिक देश है और यहां अपने विचार  रखने का सबको एक समान अधिकार है. देश भयावह घृणा और क्रूरता के साए में है.

उन्होंने आगे कहा कि जो लोग देश में हो रहे इस अन्याय के खिलाफ खड़े हैं, उनके दफ्तरों पर छापे मारे जा रहे हैं, उनके लाइसेंस रद्द किए गए हैं. इतना ही नहीं उनकी बैंक खाते तक फ्रीज किए जाते हैं ताकि वे सच ना बोलें. उन्होंने पूछा कि“क्या यह वह जगह है जहाँ हमारा देश है? क्या हमने ऐसे देश का सपना देखा था जहां असंतोष के लिए कोई जगह नहीं थी, मौजूदा समय में देश में केवल अमीर और शक्तिशाली लोगों की बात ही सुनी जाती है.

एमनेस्टी ने कहा, “इस नए साल के लिए अपने संवैधानिक मूल्यों के लिए खड़े हों और भारत सरकार को बताएं कि अब इसका अंत होना चाहिए.” वहीं एमनेस्टी इंडिया के एक सदस्य अकर पटेल ने कहा कि ऐसा लग सकता है कि इस समय भारत में मानवाधिकारों के रक्षक और नागरिक समाज के खिलाफ मतभेद हैं, लेकिन मानवाधिकार हमेशा जीता है और इस बार भी होगा.

आपको बता दें कि नसीर एमनेस्टी के एम्बेसडर हैं. कुछ दिन पहले प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बेंगलुरु स्थित ऐमनेस्टी इंटरनेशनल के दफ्तर पर छापेमारी मारी की थी. नसीरुद्दीन का यह बयान बुलंदशहर हिंसा पर उनकी प्रतिक्रिया के बाद आया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि उन्हें अपने बच्चों की सुरक्षा की चिंता होती है. शाह ने कहा था कि, “मैं अपने बच्चों के लिए चिंतित हूं क्योंकि कल अगर कोई भीड़ उन्हें घेर लेती है और पूछती है कि क्या आप हिंदू या मुसलमान हैं, तो उनके पास कोई जवाब नहीं होगा.”

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