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अरुणाचल प्रदेश के पूर्व CM अपांग ने छोड़ा भाजपा का साथ, बोले- वाजपेयी के सिद्धांतों को नहीं मानती पार्टी

गेगांग अपांग ने अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील की कि वे 'राज धर्म' के बारे में वाजपेयी की शिक्षाओं को याद रखें.

अरुणाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता गेगांग अपांग ने मंगलवार को यह कहते हुए पार्टी से इस्तीफा दे दिया कि यह पार्टी अटल बिहारी वाजपेयी के सिद्धांतों का पालन नहीं करती है.

नेशनल हेराल्ड के मुताबिक, अपांग ने भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को भेजे अपने त्याग पत्र में कहा, “मुझे यह देखकर निराशा हुई है कि वर्तमान समय में भाजपा वाजपेयी जी के सिद्धांतों का पालन नहीं कर रही है.” उन्होंने आगे कहा कि “पार्टी अब सत्ता की तलाश करने वाली महज एक मंच बनकर रह गई है. यह एक ऐसे नेतृत्व का काम करती है, जो विकेंद्रीकरण या लोकतांत्रिक निर्णय लेने से नफरत करता है और पार्टी अब उन मूल्यों पर विश्वास नहीं करती जो पार्टी की स्थापना के समय में बनाए गए थे.

अपांग ने कहा कि भाजपा को अरुणाचल प्रदेश में 2014 में लोगों का जनादेश नहीं मिला, बावजूद इसके भाजपा नेतृत्व ने घटिया नीति से स्वर्गीय कलिखो पुल को मुख्यमंत्री के रूप में स्थापित किया. उन्होंने आगे कहा, “पुल की आत्महत्या में उचित जांच नहीं की गई और साथ ही भाजपा नेतृत्व ने पूर्वोत्तर के कई राज्यों में सरकार बनाने से पहले नैतिकता को ताक पर रख दिया था.”

उन्होंने कहा कि पासीघाट में 10 और 11 नवंबर को आयोजित राज्य स्तरीय बैठक के दौरान पार्टी महासचिव राम माधव ने पार्टी के कई कार्यकर्ताओं को अपने विचार रखने की अनुमति नहीं दी.

अपांग ने अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील की कि वे ‘राज धर्म’ के बारे में वाजपेयी की शिक्षाओं को याद रखें. इतना ही नहीं उन्होंने कहा कि पार्टी और मोदी सरकार असली मुद्दों पर ध्यान नहीं दे रहे हैं.

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