कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।

असम: नागरिकता बिल के ख़िलाफ़ बनी 10 किलोमीटर लंबी मानव श्रृंखला, कलाकारों ने भी किया विरोध प्रदर्शन

8 जनवरी को लोकसभा में इस बिल को पारित किया गया था, बजट सत्र में इसे राज्यसभा में पेश करने की संभावना है.

असम के जोरहाट ज़िले में 13 संगठनों के छात्रों ने टोक में राष्ट्रीय राजमार्ग 37 को अवरुद्ध कर दिया और 10 किलोमीटर लंबी मानव श्रृंखला बनाई. लोगों ने इस बिल के कारण राज्य को होने वाले नुकसान के अंदेशे के कारण इसका विरोध किया है.

इसके साथ ही कलाकारों, स्वतंत्रता सेनानियों और कई अन्य संगठनों ने भी नागरिकता (संशोधन) बिल का  विरोध किया है. गायक जुबीन गर्ग के साथ तेजपुर में सैकड़ों लोगों ने नागरिकता बिल का विरोध किया और बिल का विरोध नहीं करने के लिए मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल की आलोचना की.

उन्होंने कहा कि मैं किसी राजनीतिक पार्टी से ताल्लुक नहीं रखता, मैंने 2016 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी और सोनोवाल सरकार के लिए गाना गाया था. लेकिन, अगर सरकार हमारे साथ नहीं खड़ी है तो हम उनके ख़िलाफ़ खड़े हैं.

एक कार्यक्रम में गायक पंकज बोरदोलोई ने कहा कि असम के लोगों को इस समय अग्रवाल, बिष्णु प्रसाद राभा और भूपेन हजारिका के गीतों से प्रेरणा लेनी चाहिए. वहीं असम के गोलपारा जिले में राभा हसन स्वायत्त परिषद की चुनाव बैठक में भाग लेने के लिए राज्य भाजपा अध्यक्ष रंजीत कुमार दास की यात्रा के आगे काले झंडे फहराए गए.

आपको बता दें कि यह विधेयक 8 जनवरी को लोकसभा द्वारा पारित किया गया था और 31 जनवरी से शुरू होने वाले बजट सत्र में राज्यसभा में पेश किए जाने की संभावना है.

पीटीआई इनपुट्स पर आधारित

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