कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।

असम: ब्रह्मपुत्र बोर्ड ने बाढ़ से बचाव के लिए जारी किए गए 40 लाख रुपए नितिन गडकरी और उनके परिवार की छुट्टियों पर उड़ाए

काज़ीरंगा नेशनल पार्क के रिजॉर्ट अधिकारियों के अनुसार ब्रह्मपुत्र बोर्ड ने लग्जरी कमरों समेत वीवीआईपी मेहमानों के भोजन का भी भुगतान किया था.

असम के लोग इन दिनों भारी बाढ़ का सामना कर रहे हैं. बाढ़ से कई लोगों की मौत हो चुकी है और हजारों घर टूट गए हैं, लेकिन राज्य में बाढ़ राहत के लिए तय की गई 40 लाख रुपए की धनराशि को वीवीआईपी लोगों की सेवा में खर्च किया जा रहा है. पैसों को केंद्रीय जल संसाधन मंत्री नितिन गडकरी और उनके परिवार की हाई-प्रोफाइल छुट्टियों के भुगतान के लिए इस्तेमाल किया गया है.

नार्थईस्ट नाउ की ख़बर के अनुसार ब्रह्मपुत्र बोर्ड ने एक आरटीआई के जवाब में बताया कि नितिन गडकरी और उनके परिवार के सदस्यों के लिए नई दिल्ली से जोरहाट की यात्रा और चार दिनों (29 दिसंबर 2017 से 1 जनवरी 2018) के प्रवास पर 31, 48, 326 रुपए का भुगतान किया गया था.

गडकरी और उनके परिवार के सदस्यों ने 29 दिसंबर, 2017 को सुबह 7 बजे चार्टर्ड प्लेन से नई दिल्ली से उड़ान भरी और सुबह 10 बजे जोरहाट पहुंचे थे. केंद्रीय मंत्री ने दुनिया के सबसे बड़े नदी द्वीप माजुली में  बाढ़ और कटाव से बचने के लिए सुरक्षा परियोजनाओं और पांडु से धुबरी तक नियमित कार्गो सेवा को हरी झंडी दिखाई.

इसी बीच जोरहाट हवाई अड्डे में वीवीआईपी सेवा के लिए विमान पार्क किया गया था. चार दिनों के लिए विमान किराए पर लेने की कुल लागत 62, 96,652 रुपए थी, जिसका 50 फीसदी खर्च ब्रह्मपुत्र बोर्ड के कंधों पर आया. शेष 31, 48, 326 राशि का भुगतान राष्ट्रीय राजमार्ग अवसंरचना विकास निगम द्वारा किया गया था.

माजुली में  समारोह के बाद गडकरी ने चार्टर्ड हेलीकॉप्टर के जरिए काज़ीरंगा नेशनल पार्क के लिए उड़ान भरी और अपने परिवार के साथ एक लग्जरी रिजॉर्ट में गए.

29 जनवरी को पूर्वोत्तर के राज्यों की राष्ट्रीय राजमार्ग की परियोजनाओं की समीक्षा करने के बाद  केंद्रीय जल संसाधन मंत्री और उनके परिवार के सदस्यों ने असम के वरिष्ठ मंत्रियों के साथ रिजॉर्ट में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आनंद लिया. वहीं 30 दिसंबर, 2017 को काज़ीरंगा नेशनल पार्क में सफारी की सैर करने के बाद गडकरी ब्रह्मपुत्र बोर्ड की हाई-पावर्ड रिव्यू बोर्ड की नौवीं बैठक में शामिल हुए.

गडकरी परिवार ने 31 दिसंबर, 2017 की रात लग्जरी रिजॉर्ट में नए साल का जश्न मनाया और 1 जनवरी, 2018 की सुबह 8 बजे नई दिल्ली के लिए उड़ान भरी.

बता दें कि काज़ीरंगा नेशनल पार्क के रिजॉर्ट अधिकारियों के अनुसार ब्रह्मपुत्र बोर्ड ने लग्जरी कमरों समेत वीवीआईपी मेहमानों के भोजन का भी भुगतान किया था.

असम में गरीब लोग और काज़ीरंगा नेशनल पार्क के वन्यजीव पिछले एक हफ्ते से बाढ़ के प्रकोप का सामना कर रहे हैं. पार्क में 5 गैंडों सहित लगभग 50 जानवरों की मौत हो चुकी है.

ग़ौरतलब है कि इससे पहले नितिन गडकरी ने असम के लोगों से राज्य के दुखों को दूर करने के लिए “स्थायी समाधान” और ब्रह्मपुत्र एक्सप्रेस-वे के निर्माण का वादा किया था, लेकिन विडंबना है कि असम के लोगों को एक बार फिर बाढ़ का सामना करना पड़ रहा है. उनके घर, खेत पूरी तरह से तबाह हो गए हैं.

हालांकि इस मामले में ब्रह्मपुत्र बोर्ड के अध्यक्ष राजीव यादव ने अभी तक कोई बयान नहीं दिया है.

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