कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।

असम NRC: सुनवाई केंद्र में लाइन में खड़े थे माता-पिता, 40 दिन के बच्चे ने तोड़ा दम, देखें विडियो

ज़ाबेदा ने सवाल किया, "एक सुनवाई के लिए मुझे अपने बच्चे को इतनी दूर क्यों ले जाना पड़ा?”

असम में नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन्स (NRC) सूची में नाम दर्ज करवाने की प्रक्रिया यहां के लोगों के लिए पीड़ा का सबब बन गई है. यहां तक की जिन लोगों के नाम सूची में शामिल है उन्हें भी अपने परिवार के सदस्यों के नाम गायब होने या सुधार करवाने के लिए सुनवाई केंद्र में पेश होना पड़ रहा है. इस प्रक्रिया की वजह से 40 दिन के एक बच्चे की मौत होने का मामला प्रकाश में आया है.

कारवां-ए-मोहब्बत  के एक विडियो में ज़ाबेदा और उनके पति अनर हुसैन का कहा कि उन दोनों के नाम एनआरसी सूची में शामिल थे, लेकिन उन्हें अपने घर से 50 किलोमीटर दूर पातुर कुची, बरपेटा में स्थित सुनवाई केंद्र में जाना पड़ा, क्योंकि ज़ाबेदा की बहन का नाम सूची में गलत लिखा गया था.

अनर ने कहा, “हमने सभी जरूरी दस्तावेज जमा किए, अधिकारी के पास गए और उन्होंने हमें लाइन में खड़े होने के लिए कहा. मैंने अपनी पत्नी से कहा कि बच्चे को दूध पिला दे.”

ज़ाबेदा ने कहा, “जब मैं बच्चे को दूध पिलाने ही वाली थी कि मुझे एहसास हुआ कि वह मर चुका है… मेरा बेटा बहुत रो रहा था क्योंकि हमारे पास पीने के लिए पानी नहीं था. हम खुद अधमरे हो चुके थे. हम यह नहीं जानते थे कि इस प्रक्रिया में इतना समय लगेगा.”

ज़ाबेदा 40 दिन के बच्चे को गोद में लेकर लाइन में इंताजर कर रही थी. लेकिन बच्चा गर्मी की चपेट में आ गया.

ग़ौरतलब है कि एक गलती को सुधारने के लिए पूरे परिवार को सुनवाई के लिए पेश होना था. ज़ाबेदा ने सवाल किया, “एक सुनवाई के लिए मुझे अपने बच्चे को इतनी दूर क्यों ले जाना पड़ा?”

बता दें कि, कई लोगों द्वारा मसौदा सूची से अपना नाम गायब होने या दूसरी निषेध सूची में शामिल होने की वजह से आत्महत्या करने की खबरें आई हैं. आखिरी एनआरसी सूची 31 जुलाई को जारी होगी.

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