कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।

भारत को अंधेरे खोह में लेकर जाता अयोध्या पर सुप्रीम कोर्ट का फ़ैसला

कई बौद्ध स्तूपों को तोड़ कर मंदिर बना दिए गए. तो क्या हम इन मंदिरों की जगह पर फिर से बौद्ध स्तूप बनाने की वकालत करेंगे? भारत के उन आदिवासी समूहों के पूजा स्थलों का क्या जिन्हें बलपूर्वक हिन्दू धर्म स्थलों में बदल दिए गए?

मुसलमानों के लिए भय और विस्थापन लेकर आएगा नागरिकता संशोधन बिल

महात्मा गांधी, भीमराव अंबेडकर, जवाहरलाल नेहरू और मौलाना आज़ाद जैसे नेताओं ने हमें वह देश दिया था जिसपर यहां के सभी…

महात्मा गांधी की ताबीज़ और बिहार के एक प्रवासी मजदूर की मॉब लिंचिंग

हमने धन और नफ़रत के नशे के कारण गांधी जी के वो ताबीज़ खो दिए हैं. मैं सोचता हूं कि वो ताबीज़ फिर से वापस पाने में…

हमारे लिए चिंता की बात क्यों है तबरेज़ अंसारी की मॉब लिंचिंग का मामला?

अब हमलोग इन सब चीजों की परवाह नहीं करते. हम सोचते हैं कि यह तो एक अनाथ मुसलमान लड़के के साथ हुआ है, इससे हमारा क्या…

रिक्शा चालक मोहम्मद शेख़ का दर्द भरा जीवन और उनकी मृत्यु हमारे समाज को आइना दिखाते हैं

उन्होंने अपने जीवन की कहानी कैमरे पर बयां की थी, लेकिन उन जैसे कितने लोगों की कहानियां सुनने वाला कोई नहीं है?

अल्पसंख्यकों के संवैधानिक अधिकारों पर संकट, फैलेगी साम्प्रदायिकता की आग: मोदी सरकार 2.0 को लेकर कुछ सम्भावनाएँ और डर

यह सूची है उन कार्यों की जो मैं उम्मीद करता हूँ कि यह सरकार कभी ना करे. लेकिन साथ ही डरता भी हूँ कि ऐसा किया जाएगा.

हर्षमंदर का खत: धर्मनिरपेक्षता कोई मुखौटा नहीं, यह भारतीय गणराज्य की जड़ है- हमें नफ़रत की राजनीति का मुकाबला पुरजोर तरीके से करना होगा

"मैं इस बात से घबरा गया हूं कि अगले पांच वर्षों में आगे क्या होगा. लेकिन मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि हम उम्मीद…

हर्षमंदर का खत: धर्मनिरपेक्षता कोई मुखौटा नहीं, यह भारतीय गणराज्य की जड़ है- हमें नफ़रत की राजनीति का मुकाबला पुरजोर तरीके से करना होगा

"मैं इस बात से घबरा गया हूं कि अगले पांच वर्षों में आगे क्या होगा. लेकिन मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि हम उम्मीद…

भारत के लोगों को धर्म निरपेक्षता की रक्षा, बचाव और मजबूती के लिए लड़नी होगी लड़ाई- हर्ष मंदर

इस देश पर यहां के सभी निवासियों का बराबर का अधिकार है. किसी भी धर्म, भाषा, जाति, लिंग और वर्ग के लोग इस देश पर…

ये मत पूछिए मोदी नहीं तो कौन, ये पूछिए मोदी फिर आएगा तो क्या होगा?- हर्ष मंदर

2019 में 2014 वाला विकास का पेड़ कट चुका है. उसके ‘अच्छे दिन’ के हरे पत्ते सूख कर झड़ चुके हैं. जो बचा है वो सिर्फ़…

नए हिंदुस्तान का नया इंसाफ- गुरुग्राम की हिंसा आम हो चुकी हमारी बीमार सोच का हिस्सा है.

हर बार की तरह, यहां भी मज़लूम ही गुनहगार बन गया है. पुलिस ने पीड़ितों के खिलाफ़ भी केस दर्ज कर दिया है. वो अब हर तरह…
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