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धज्जी धज्जी संविधान: हिन्दूवादी नेताओं ने न्यायपालिका को ललकारा, कहा – राम से ऊपर नहीं है कोर्ट, अयोध्या से ग्राउंड रिपोर्ट

विहिप के एक कार्यकर्ता ने कहा, “राम का नाम लेकर हमने केंद्र में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को गद्दी पर बिठाए हैं और योगी जी को भी जिताए हैं.”

राम मंदिर को लेकर विश्व हिन्दू परिषद की बहुचर्चित धर्म सभा का आयोजन 25 नवम्बर रविवार को अयोध्या में हुआ. पूरे शहर में शनिवार से 144 की धारा लग चुकी थी लेकिन फिर भी लाखों की संख्या में लोग इस सभा में शामिल हुए.

सभा में भाजपा एवं विहिप के कार्यकर्ता काफी बड़ी तादाद में महाराष्ट्र, उत्तरप्रदेश और बिहार से आए थे. इस दौरान बेहद सांप्रदायिक नारे लगते रहे. विहिप की यह आयोजित धर्म सभा, धर्म काम और प्रधानमंत्री की प्रशंसा एवं विपक्ष पर निशाना साधने का मंच ज़्यादा दिखाई पड़ रहा था.

धर्म सभा के मंच पर आसीन साधूओं ने सर्वोच्च न्यायालय के ख़िलाफ़ कई अपमानजनक एवं उकसाने वाली बातें कहीं. एक साधू ने कहा, “हमारे राम जी के जन्मभूमि का निर्णय सुप्रीम कोर्ट करे, ये हिन्दुस्तान के नौजवानों को स्वीकार नहीं है.” उन्होंने आगे कहा, “मैं पूछना चाहता हूँ सुप्रीम कोर्ट से, जब बाबर ने राम जन्मभूमि को तोड़ा था तो किस कोर्ट के आदेश से तोड़ा था?”

सभा के दौरान लोगों ने जनवरी 2019 से राम जन्मभूमि को लेकर सुनवाई करने के सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश के ख़िलाफ़ जमकर बयानबाज़ी की. एक और साधू ने अपने संबोधन में कहा, “जब आतंकवादियों के लिए रात में कोर्ट लग सकती है तो भगवान श्रीराम के लिए रात में कोर्ट क्यों नहीं लग सकती है. कोर्ट कहती है कि हम जनवरी के बाद तय करेंगे कि कब सुनवाई करेंगे. ऐसी कोर्ट से जनता का जिस दिन विश्वास उठ जाएगा तो न्यायपालिका का भी महत्व राष्ट्र से समाप्त हो जाएगा.” उन्होंने सीधे तौर पर भारतीय न्यायपालिका और सर्वोच्च न्यायालय की अवमानना करते हुए आगे कहा, “भगवान श्रीराम न्यायपालिका से भी ऊंचे हैं.”

संविधान के ख़िलाफ़ बात करते हुए उन्होंने कहा, “न्यायपालिका तो केवल यहाँ के संविधान निर्माताओं द्वारा निर्मित संविधान से संचालित होती है लेकिन परमात्मा का संविधान सार्वभौमिक है. हम अंतिम संविधान परमात्मा के संविधान को मानते हैं परमात्मा के संविधान को मानते हैं. उस संविधान पर इस संविधान के कोई नियम लागु नहीं होते हैं.”

एक तरफ जहां मंच से साधूओं ने देश की न्यायपालिका एवं संविधान की अवहेलना की, वहीं दूसरी तरफ सभा में शामिल हुए कार्यकर्ताओं की बातों में भीषण रूप से सांप्रदायिक भावनाएं झलक रही थीं. न्यूज़सेंट्रल24×7 के साथ बात करते हुए सभा में आए हुए लोगों ने भी जमकर सर्वोच्च न्यायालय की अवहेलना की. विहिप के एक कार्यकर्ता ने कहा, “राम का नाम लेकर हमने केंद्र में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को गद्दी पर आसीत किये हैं, योगी जी को भी जिताए हैं.” सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का इंतज़ार करने की बात पर उन्होंने कहा, “न हम सुप्रीम कोर्ट का इंतज़ार किये था और न हमने सुप्रीम कोर्ट का कोई फैसला माना था. हमने मस्जिद गिराया है. जनता के सहयोग से हमने ये किया है. जनता से बड़ी कोई अदालत नहीं है. हमने सुप्रीम कोर्ट का बहुत इंतज़ार कर लिया.”

गौरतलब है कि सर्वोच्च न्यायालय ने राम जन्मभूमि के मामले में 19 जनवरी, 2019 से सुनवाई शुरू करने के निर्देश दिए हैं. अपने कई वादों में अयोध्या में स्थित इस राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद की ज़मीन को लेकर बीते कई दशकों से चल रहे विवाद को ख़त्म करने का भी वादा कर मोदी सरकार सत्ता में आई थी.

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