कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।

बिहार में रसोइयों की हड़ताल, सरकार को बेहोशी से जगाने के लिए दो हफ़्ते से प्रदर्शन कर रही हजारों महिलाएं

बीते लगभग 15 दिनों से मिड डे मील बनाने वाले रसोइयों की चल रही इस हड़ताल को लेकर नीतीश सरकार ने मौन धारण किया हुआ है.

बिहार के सरकारी स्कूलों में मिड-डे मील बनाने वाली हजारों रसोइया लंबे समय से हड़ताल पर हैं. न्यूनतम वेतनमान में बढ़ोतरी के लिए वे हड़ताल कर रही हैं. बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अभी इस मामले में कोई सुध नहीं ली है.

बिहार के राज्य विद्यालय रसोइया संघ का कहना है कि बिहार सरकार रसोइयों के हितों पर ध्यान नहीं दे रही है. अनिश्चितकालीन हड़ताल कर रहे रसोइयों ने आरोप लगया कि केंद्र सरकार प्रति माह 1250 रुपए का वेतन देकर उनका शोषण कर रही है. उनकी मांग है कि सरकार उन्हें 18 हज़ार रुपए का न्यूनतम वेतन दे.

ग़ौरतलब है कि बीते 19 नवंबर को देशभर के रसोइया संगठन दिल्ली में मोदी सरकार का विरोध करने और अपनी मांगों को सरकार के समक्ष रखने पहुंचे थे. लेकिन, सरकार ने उनकी मांगों पर विशेष ध्यान नहीं दिया.

दैनिक जागरण की ख़बर के अनुसार बिहार के कई ज़िलों में रसोइया संघ अपनी मांगों को लेकर लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं. आज रसोइया संघ की हड़ताल का 14वां दिन है.

हड़ताल पर बैठे रसोइयों की मांग है कि उनका प्रतिमाह वेतन 18 हज़ार रुपए दिया जाए, नियुक्त पत्र व 2 जोड़ी वर्दी दी जाए. इसके अलावा मातृत्व अवकाश व आकस्मिक अवकाश प्रदान किया जाए.  रसोइयों ने कहा कि वे लोग अपनी हड़ताल तब तक जारी रखेंगे जब तक की उनके सारी मांग मान नहीं ली जाती है. संघ के नेताओं ने आगामी 23 और 24 जनवरी को पटना में मुख्यमंत्री के समक्ष महापड़ाव में भाग लेने का आह्वान किया है.

बीते रविवार को अखिल भारतीय प्रगतिशील महिला संघ (AIPWA) की सचिव कविता कृष्णन ने ट्वीट के जरिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को नींद से जगाने का प्रयास किया. कविता कृष्णन ने ट्विटर पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और प्रधानमंत्री मोदी पर तंज कसते हुए लिखा कि स्कूल रसोइयों के रूप में काम करने वालों को प्रति माह 1250 रुपए का वेतन देना श्रम कानून का उल्लंघन है.

उन्होंने लिखा कि स्कूलों में खाना पकाने वाले रसोइया 18 हज़ार रुपए प्रति माह वेतन की मांग के लिए हड़ताल पर बैठे हैं. आज हड़ताल का 13वां दिन है लेकिन, बिहार सरकार की तरफ से अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई हैं.


ज्ञात हो कि कि बीते दिन नीतीश कुमार के कार्यक्रम में रसोइया संघ की कुछ महिलाओं ने हाथ में रोटी लेकर राज्य सरकार के ख़िलाफ़ नारेबाजी की थी. इस विरोध प्रदर्शन से मुख्यमंत्री नाराज़ हो गए और उन्होंने मिड-डे मील योजना को बंद कराने की धमकी तक दे दी.

You can also read NewsCentral24x7 in English.Click here
+