कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।

“हमारे बच्चे मर रहे हैं, हमें भी मार डालो”: स्वास्थ्य मंत्री के सामने फुटा चमकी बुखार से पीड़ित बच्चे के पिता का गुस्सा

मुज़फ़्फ़रपुर में इस बुखार से होने वाली बच्चों की मौत का आंकड़ा लगातार बढ़ते जा रहा है. अब तक 100 बच्चों की मौत हो चुकी है.

“हमारे बच्चे मर रहे हैं, हमें भी मार डालो”, बिहार के मुज़फ़्फ़रपुर में दौरे पर पहुंचे केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन पर चमकी बुखार से पीड़ित बच्चों के परिजनों का गुस्सा फुट पड़ा.

गांव क्नेक्शन ने इसका एक विडियो ट्विटर पर शेयर किया है. विडियो में देखा जा सकता है कि केंद्रीय मंत्री कड़ी सुरक्षा के बीच अस्पताल का दौरा कर रहे हैं. इसी बीच उनके पिछे चल रही भीड़ से एक व्यक्ति चिल्लाते हुए कहता है कि, “हमको भी मार दो. लेकिन सुरक्षाकर्मियों द्वारा उसे आगे बढ़ने से रोक लिया जाता है. वह परिजन लगातार चिल्लाते हुए कहता है कि, “हमको भी जान से मार दो. कोई देखने वाला नहीं है यहां…कोई सुनता नहीं है.. छोटे-छोटे बच्चे हैं. ”

दरअसल, मुज़फ़्फ़रपुर में चमकी बुखार से पीड़ित बच्चों की मौत का आंकड़ा लगातार बढ़ते जा रहा है. कई बच्चे अब भी इस बिमारी से जूझ रहे हैं. बच्चों के परिजनों की हालत ख़राब है. अस्पताल की व्यवस्था भी दयनीय है. जिसे लेकर परिजनों के बीच आक्रोश भरा है.

चमकी बुखार से होने वाली मौत का आंकड़ा सामने आने के बाद केंद्रीय स्वास्थय मंत्री बीते रविवार को मुज़फ़्फ़रपुर में श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज और अस्पताल का दौरा करने पहुंचे थे.

टाइम्स ऑफ इंडिया के रिपोर्ट के अनुसार , डॉ हर्षवर्धन की चार घंटे की यात्रा के दौरान ही वहां भर्ती हुए तीन बच्चों की मौत हो गई.

इंडियन एक्सप्रेस की ख़बर के मुताबिक, सोमवार को चमकी बुखार से मरने वाले बच्चों की संख्या बढ़कर 100 हो गई है. ख़बर के मुताबिक, पिछले 24 घंटे में, इस बीमारी की चपेट में आकर बीस से अधिक बच्चों ने दम तोड़ दिया है. मुज़फ़्फ़रपुर के सिविल सर्जन एसपी सिंह ने कहा कि , “एसकेएमसीएच में 76 बच्चों की मौत हो गई. जबकि केजरीवाल मातृसदन में इस साल जनवरी से अब तक 17 मौते दर्ज की गई हैं. फिलहाल, दोनों अस्पतालों में 115 मरीजों का इलाज़ चल रहा है.”

चमकी बुखार से हुई मौत को लेकर मुख्यमंत्री कार्यालय से एक प्रेस विज्ञप्ति जारी किया गया है. जिसमें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बच्चों की मौत पर संवेदना प्रकट की है. साथ ही उन्होने कहा है कि, बच्चों के इलाज के लिए बेहतर व्यवस्था की जा रही है. इस बीमारी से मरे हुए बच्चों के परिजनों को मुख्यमंत्री राहत कोष से चार-चार लाख रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की है.

 

You can also read NewsCentral24x7 in English.Click here
+