कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।

बिहार में इंसानियत शर्मसार, अस्पताल प्रशासन ने शव को कब्जे में रखकर परिजनों को बेरहमी से पिटा

पिटाई से एक व्यक्ति का सर फट गया और दूसरे व्यक्ति की पीठ पर गंभीर चोटें आई हैं.

बिहार में मार-पीट और गुंडागर्दी चरम सीमा पर पहुंच गई है. ताजा मामला राजधानी पटना का सामने आया है. जहां एक निजी अस्पताल प्रशासन ने इंसानियत को शर्मसार करते हुए मृतक के शव को कब्जे में रखकर परिजनों की बेरहमी से पिटाई कर दी.

न्यूज़18 की ख़बर के मुताबिक पत्रकार नगर थाना क्षेत्र में उमा हॉस्पिटल में वैशाली निवासी 35 वर्षीय मरीज की मौत हो गई थी. परिजनों का कहना है कि वे मृतक के इलाज़ के लिए 4 लाख रुपए बिल के रूप में दे चुकें हैं. लेकिन अस्पताल प्रशासन और पैसों की मांग कर रहा था. जब परिवार वालों ने आर्थिक तंगी के कारण पैसे न होने की बात कही तो अस्पताल प्रशासन ने गुंडागर्दी करते हुए परिजनों की बेरहमी से पिटाई कर दी. पिटाई में एक व्यक्ति का सर फट गया और दूसरे को पीठ पर गंभीर चोट आई हैं.

घटनास्थल पर मौके पर पहुंची पुलिस भी मामले को किसी तरह रफादफा करने की कोशिश करने लगी. जिस पर अन्य लोग भड़क गए और हंगामा करने लगे. आमतौर पर इस तरह की घटना के बाद पुलिस ही घायलों को मेडिकल संरक्षण देती है, लेकिन बिहार पुलिस के दारोगा घायलों को अपने साथ ले जाने में आनाकानी करने लगे.

हालांकि मामला बढ़ता देख अस्पताल प्रशासन ने शव को बाहर निकाल दिया है और पुलिस ने परिजनों की शिकायत पर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है.

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