कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।

बिहार: मोदी सरकार में बेरोज़गारी की मार झेल रहे युवाओं का हल्लाबोल, 19 फ़रवरी से अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी

इस मार्च को पुलिस बल ने पटना विश्ववद्यालय के मुख्य द्वार पर रोक दिया.

देश में बढ़ती बेरोज़गारी को लेकर बिहार के पटना में युवाओं के एक संगठन ‘बेरोज़गारों हल्ला बोल’ ने विरोध मार्च का आयोजन किया. इस मार्च का उद्देश्य युवाओं की रोज़गार संबंधी समस्याओं को राज्यपाल के समक्ष रखना है.

दरअसल, रोज़गार की समस्या को लेकर संगठन पिछले 19 फरवरी से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठा है. संगठन का कहना है कि 45 सालों में भारत दुनिया में बेरोज़गार देश बन चुका है.

इस मार्च को पुलिस बल ने पटना विश्ववद्यालय के मुख्य द्वार पर रोक दिया. मार्च में युवाओं अपनी निम्नलिखित मांगों को सामने रखा है.

युवाओं की मांग है कि पीएम मोदी के वादे अनुसार प्रतिवर्ष 2 करोड़ के हिसाब से 5 सालों में 10 करोड़ विभिन्न विभागों में बहाली हो.

हर बहाली में भ्रष्टाचार मुक्त और गांरटी के साथ-साथ पारदर्शिता हो.

युवाओं ने मांग करते हुए कहा कि 5 सालों में बहाली न होने की स्थिति में लाखों प्रतिभाशाली युवाओं की उम्र समय सीमा समाप्त हो चुकी है. इसलिए कम से कम 3 सालों की बढ़ोतरी कर बहाली की जाए.

परीक्षार्थियों की परीक्षा उन्हीं के राज्यों हो.

बीपीएससी, एसएससी, बीएसएससी, ग्रुप-डी, बिहार दारोगा इत्यादि परीक्षा में हुई धांधली पर कानूनी कार्रवाही शुरू हो.

ग़ौरतलब है कि बेरोज़गारो हल्ला बोल संगठन का कहना है कि आचार संहिता लागू होने की वजह उन्हें से तत्काल प्रभाव से रोका जा रहा है. लेकिन युवाओं का यह संघर्ष जारी रहेगा.

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