कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।

भाजपा सांसद उदित राज ने लांघी बेहयाई की सीमा, कहा – #Metoo कैंपेन औरतों को पहुंचाएगी नुकसान, मर्दों के पास है ताक़त और नौकरियां

सांसद ने बताया ख़ुद को #Metoo कैंपेन में हिस्सा लेने वाली औरतों से ज़्यादा फ़ेमिनिस्ट।

मोदी जी के राज में भारतीय जनता पार्टी के नेता कभी भी बेहयाई की सीमा लांघने में पीछे नहीं रहते और क़दम क़दम पर इस बात का सबूत देते रहते हैं।

ताज़ा मामला है भाजपा नेता और लोक सभा सदस्य उदित राज का। इन्होंने #Metoo कैंपेन में अपनी आपबीती को लेकर सामने आने वाली औरतों से ज़्यादा ख़ुद को “फेमिनिस्ट” बताया और कहा कि महिलाएं अपने “प्रतिष्ठा की चिंता नहीं कर रही हैं” और “मर्दों से परेशान हो रही हैं”।

टाइम्स नाउ के साथ मंगलवार को अपनी बातचीत के दौरान राज ने बड़ी बेशर्मी से कहा, “मैं उनसे ज़्यादा फेमिनिस्ट हूँ। उन्हें अपने मान की कोई चिंता नहीं है। वो मर्दों से परेशान हो रही हैं। उन्हें नौकरियां नहीं मिल रही है। मर्द उन्हें टाल रहे हैं, यहां तक की नेता भी। अधिकारी उनसे अकेले मिलने से डर रहे हैं जब तक कोई दूसरी महिला कार्यालय में उपस्थित न हो।”

हालांकि संघ जहां एक तरफ़ औरतों को बच्चा पैदा करने की मशीन और भटकाव का एक ज़रिया छोड़ कर और कुछ मान नहीं पाता, ऐसे में राज का पीड़िताओं की अवस्था से ज़्यादा आरोपियों के मान-मर्यादा की चिंता करना बहुत ही ज़ायज़ लगता है। राज ने कहा, “एक-एक कर मामला देखना चाहिए, न कि एक साथ। मान लो कल को उन (एम जे अकबर) पर न्यायिक निर्णय होता है, उनकी तो सारी प्रतिष्ठा चली जाएगी। और एक अभिनेत्री जिसके पास पूरी आर्थिक स्वतंत्रता है, निजी स्वतंत्रता है, जो पूरी दुनिया में घूम रही है और अपने मर्ज़ी की मालिक है, जो अपने फैसले ख़ुद ले सकती है और वो अचानक ही 10 साल बाद नींद से जागी।”

जब संवाददाता ने पूछा कि अकबर, जो कि एक भाजपा मंत्री हैं, को ख़ुद पर लगे यौन उत्पीड़न के आरोप को लेकर स्पष्टीकरण देना चाहिए या नहीं, तब राज ने कहा, “उन्हें या किसी और को क्यों स्पष्टीकरण देना चाहिए। अगर कोई औरत आप पर आरोप लगाती है तो क्या आपका मान चला नहीं जाएगा? कुछ सीमा होनी चाहिए…”

राज ने ज़ोर देते हुए इस कैंपेन के बारे में कहा कि ये “हमारी मदद नहीं कर रहा है, बल्कि नुकसान पहुंचा रहा है।”

भाजपा सांसद ने कहा, “किसको नुकसान होगा? ये मर्दों का समाज है। मर्दों के पास ताक़त है। मर्दों के पास आर्थिक ताक़त है। मर्द ही अवसर देते हैं। अंत में कौन झेलेगा? औरतें झेलेंगी। अंत में एक तरह से #Metoo कैंपेन मदद नहीं कर रहा, बल्कि हमें नुकसान पहुंचा रहा है।”

इससे पहले मंगलवार सुबह इन्होंने नाना पाटेकर का भी समर्थन किया था, जिन पर तनुश्री दत्ता ने यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है।

राज ने ट्विटर पर #Metoo कैंपेन को गलत प्रथा बताया।

 

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