कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।

BJP का प्रोपगैंडा फैलाने के लिए पैसे ले रहा था रिलायंस का BIG FM? कोबरापोस्ट के ऊपर से हटाया मानहानि का मुक़दमा

कोबरापोस्ट ने अपने स्टिंग ऑपरेशन में दावा किया था कि रिलायंस ब्रॉडकास्टिंग का बिग एफएम भाजपा के फ़ायदे के लिए झूठ और प्रोपगैंडा से भरी चीजों का प्रसार करने को तैयार था.

रिलायंस ब्रॉडकास्टिंग ने मीडिया संगठन कोबरापोस्ट पर किए गए मानहानि के मुक़दमे को वापस ले लिया है. कोबरापोस्ट ने खुलासा किया था कि रिलायंस ग्रुप का मीडिया संगठन बिग एफएम हिन्दुत्ववादी संगठनों को झूठे और सांप्रदायिक बातों के प्रोपगैंडा द्वारा चुनाव में फायदा पहुंचाने के लिए पैसे लेने के लिए तैयार था.

ऑपरेशन 136 नाम से किए गए इस स्टिंग ऑपरेशन में बिग एफएम के सीनियर बिजनेस पार्टनर अमित चौधरी ने स्वीकार किया था कि भारतीय जनता पार्टी और रिलायंस के बीच परोक्ष संबंध हैं. उनका बयान था, “ऐसे भी, रिलायंस हमेशा से भाजपा का समर्थक रहा है.”

कोबरापोस्ट  ने कहा है कि उसके स्टिंग ऑपरेशन में सच्चाई थी इसलिए रिलायंस को यह मुक़दमा वापस लेना पड़ा.

बता दें कि कई मीडिया संगठनों ने भी हिन्दुत्व समर्थक प्रोपगैंडा और झूठ फैलाने के लिए पैसे लेने पर हामी भरी थी. जिन मीडिया संगठनों ने प्रोपगैंडा फैलाने के लिए पैसे की मांग की थी उनका कहना था कि डील के आधे पैसे कैश में एडवांस के तौर पर दिया जाए.

टाइम्स ग्रुप के मालिक विनित जैन ने प्रोपगैंडा फैलाने के लिए 1000 करोड़ रुपए की मांग की थी. इस तरह के डिमांड कई अन्य चैनलों ने भी किए थे.

जिन मीडिया संगठनों ने प्रोपगैंडा फैलाने के लिए पैसे की मांग की थी, उनमें टाइम्स ऑफ इंडिया, इंडिया टुडे, हिन्दुस्तान टाइम्स, जी न्यूज़, नेटवर्क18, पेटीएम, स्टार इंडिया, सब टीवी, एबीपी न्यूज़, दैनिक जागरण, डीएनए, अमर उजाला, स्कूप ह्वूप, रेडिफ डॉट कॉम, रेडियो वन, रेड एफएम, लोकमत, बिग एफएम, द न्यू इंडियन एक्सप्रेस का नाम शामिल है.

बता दें कि द इंडियन एक्सप्रेस और द हिन्दू के अलावे किसी भी अन्य मीडिया संगठन ने इस स्टिंग ऑपरेशन से जुड़ी ख़बर को प्रकाशित नहीं किया था.

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