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18000000000 रुपए का घोटाला: येदियुरप्पा ने कथित तौर पर राजनाथ सिंह, अरुण जेटली और नितिन गडकरी को अवैध तरीके से दिए करोड़ों रुपए

कर्नाटक भाजपा प्रमुख बीएस येदियुरप्पा की डायरी से यह खुलासा हुआ है.

कांग्रेस पार्टी ने कारवां मैगजीन की एक रिपोर्ट के आधार पर भारतीय जनता पार्टी के सभी बड़े नेताओं पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है.

कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा है कि कारवां मैगजीन के द्वारा बीएस येदुरप्पा की तथाकथित डायरी से पांच तथ्य सामने आते हैं. कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा नेता बी एस येदियुरप्पा से कुल 2690 करोड़ रुपये वसूले गए, जिसमें से 1800 करोड़ रुपया भाजपा नेतृत्व को पहुंचाया गया.”

रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि इस तथाकथित डायरी में भारतीय जनता पार्टी के शीर्षतम नेतृत्व के नाम हैं. डायरी के अनुसार एक हज़ार करोड़ रुपया बीजेपी की सेंट्रल कमेटी को दिया गया, जिसमें नरेंद्र मेदी, नितिन गडकरी, राजनाथ सिंह और अरुण जेटली जैसे बड़े नेताओं के अलावा कई बड़े नेताओं के नाम भी शामिल हैं, जिनके पास यह पैसा पहुंचा है.

इसके अलावा कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि 250 करोड़ रुपया न्यायाधीशों को भी दिया गया है. डायरी में कथित रूप से कर्नाटक के भाजपा प्रमुख बीएस येदियुरप्पा के हस्ताक्षर भी हैं. ये डायरी इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के पास अगस्त 2016 से थी. डायरी में लिखे शब्द कथित तौर पर येदियुरप्पा की लिखावट से मेल खाते हैं.

कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि मोदी जी से लेकर भाजपा के बड़े नेताओं पर 1800 करोड़ की रिश्वत लेने का आरोप है. ये वो लोग हैं जो देश के सबसे बड़े पदों पर आसीन हैं, जिनके हाथ में देश की बागड़ोर है. कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने पीएम मोदी को चोर चौकीदार कहा और यह भी कहा कि अब देश में लोकपाल का गठन हो गया है इसलिए जांच होनी चाहिए.

बता दें कि कारवां मैगजीन में आथिरा कोनकरा और नीलिना एम एस की रिपोर्ट में येदियुरप्पा की डायरी के उन पन्नों का हवाला दिया गया है, जिसमें उन्होंने कहा है कि भाजपा के बड़े नेताओं, कई न्यायाधीशों और वकीलों को कुल 1800 करोड़ रुपए दिए गए हैं.

रिपोर्ट में कहा गया है कि येदियुरप्पा ने ये सारी जानकारियां अपनी डायरी में 2009 में ही लिख रखी थी. यह डायरी कन्नड भाषा में लिखी गई है.

डायरी की मुख्य बातें हैं:

1. भारतीय जनता पार्टी की सेंट्रल कमेटी को 1000 करोड़ रुपए दिए गए.
2. वित्त मंत्री अरुण जेटली और परिवहन मंत्री नितिन गडकरी को 150-150 करोड़ रुपए दिए गए.
3. गृहमंत्री राजनाथ सिंह को 100 करोड़ रुपए दिए गए.
4. भाजपा के वरिष्ठ नेताओं लाल कृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी को 50-50 करोड़ रुपए दिए गए.
5. नितिन गडकरी के बेटे की शादी में 10 करोड़ रुपए दिए गए.
6. न्यायाधीशों को 250 करोड़ और वकीलों को 50 करोड़ रुपए कई केसों की सुनवाई की फ़ीस के तौर पर दिए गए.

डायरी के पन्नों में कहा गया है कि पैसे दो अलग-अलग दिनों में दिए गए हैं. भाजपा के नेताओं, न्यायाधीशों और वकीलों को 17 जनवरी 2009 की तारीख़ में पैसे दिए गए हैं, जबकि भाजपा की सेंट्रल कमेटी को 18 फरवरी 2009 की तारीख़ में पैसे दिए गए हैं. कारवां मैगजीन ने कहा है कि डायरी के जितने पन्ने उसके पास हैं, सभी में येदियुरप्पा के दस्तख़त हैं. रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि आयकर विभाग के पास यह डायरी अगस्त 2017 में ही आ गई थी, जब कांग्रेस नेता डीके शिवकुमार के यहां छापेमारी की गई थी.

इस पूरे प्रकरण में हैरानी की बात यह नहीं है कि भाजपा के बड़े नेताओं के नाम इस डायरी में लिखे गए हैं, बल्कि इसकी सबसे बड़ी बात है कि 2017 से अबतक आयकर विभाग के पास डायरी मौजूद होने के बाद भी कोई कार्रवाई क्यों नहीं की गई. कारवां की रिपोर्ट के मुताबिक आयकर विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी अरुण जेटली के पास इस मामले में कार्रवाई करने को लेकर मिलने गए थे, लेकिन अरुण जेटली ने उन्हें मना कर दिया.

कारवां की रिपोर्ट के मुताबिक आयकर विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि इस मामले में दिल्ली और कर्नाटक भाजपा के कई नेता शामिल थे, इसलिए इसकी जांच नहीं की गई. कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने प्रेस कॉन्फ़्रेंस में कहा, “प्रथम दृष्ट्या इस मामले में प्रधानमंत्री मोदी से लेकर भाजपा के तमाम नेताओं के ऊपर जांच बैठानी चाहिए. नव नियुक्त लोकपाल से जांच कराने के लिए यह सबसे उपयुक्त केस है.”

एएनआई की ख़बर के मुताबिक येदियुरप्पा ने इन तमाम आरोपों का खंडन किया है. उन्होंने कहा है कि कांग्रेस पार्टी और उसके नेता विचारों से दिवालिया हो गए हैं. वे लोग मोदी जी की लोकप्रियता से घबरा गए हैं. वे लोग लड़ाई शुरू होने से पहले ही हथियार डाल चुके हैं. आयकर विभाग के अधिकारी पूर्व में ही इन आरोपों और दस्तावेज़ों को झूठा बता चुके हैं.

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