कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।

चौकीदार नरेन्द्र मोदी के ख़िलाफ़ वाराणसी सीट से चुनाव लड़ेंगे बीएसएफ़ से बर्खास्त जवान तेज बहादुर यादव

तेज बहादुर यादव ने बीएसएफ़ में घटिया खाना मिलने को लेकर आवाज़ उठाई थी, जिसके बाद उन्हें अनुशासन का न पालन करने के लिए नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया.

प्रधानमंत्री का संसदीय क्षेत्र वाराणसी चुनावी सरगर्मियों को लेकर दिलचस्प बनता जा रहा है. अब बीएसएफ़ से बर्खास्त जवान तेज बहादुर यादव ने प्रधानमंत्री मोदी के ख़िलाफ़ वाराणसी सीट से चुनाव लड़ने का ऐलान किया है. पूर्व जवान तेज बहादुर सुरक्षा बलों में होने वाले कथित भ्रष्टाचार के मुद्दे को लेकर चुनावी मैदान में उतरेंगे.

दरअसल, तेज बहादुर यादव ने बीएसएफ़ में घटिया खाना मिलने को लेकर आवाज़ उठाई थी, फिर उन्हें अनुशासन न पालन करने को लेकर नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया.

हिंदुस्तान टाइम्स के अनुसार ने पूर्व जवान ने कहा, “मुझसे कई राजनीतिक दलों ने चुनाव लड़ने को लेकर सम्पर्क किया, लेकिन मैं निर्दलीय ही चुनाव लड़ूंगा. सेना में व्याप्त भ्रष्टाचार को लेकर मैं चुनाव मैदान में उतर रहा हूं.”

तेज बहादुर यादव ने आगे कहा, “मेरा उद्देश्य हार या जीत नहीं है. मैं लोगों के सामने यह बात लाना चाहता हूं कि हमारी सरकार सेना खासकर अर्धसैनिक बलों को लेकर नाकाम रही है. प्रधानमंत्री सेना के नाम पर वोट लेते हैं लेकिन उनके लिए कुछ नहीं करते. पुलवामा में मारे गए सीआरपीएफ़ जवान को शहीद का दर्जा भी प्राप्त नहीं.”

तेज बहादुर ने कहा कि सेना से मेरी बरखास्तगी गलत तरीके से हुई है. मैं इसे न्यायालय में चुनौती दी है.

बता दें कि तेज बहादुर को 2017 में बीएसएफ़ से बर्खास्त कर दिया गया था. उसने बीएसएफ़ में मिलने वाले कथित खराब खाने का विडियो सोशल मीडिया अपलोड कर दिया था.

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