कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।

रिलायंस JIO के आने से लुट गई सरकारी कंपनी BSNL, 54,000 कर्मचारियों से छीनी जाने वाली है नौकरी

दूरसंचार विभाग ने कहा है कि वह अंतिम फ़ैसले के लिए चुनाव का इंतज़ार कर रहा है. जो नई सरकार बनेगी वो इस संदर्भ में फ़ैसला लेगी.

सरकारी टेलीकॉम कंपनी भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) के 54 हज़ार कर्मचारियों को नौकरी से हाथ धोना पड़ सकता है. बीएसएनएल बोर्ड ने 54 हज़ार कर्मचारियों को नौकरी से निकालने का प्रस्ताव स्वीकार कर लिया है. जिस पर अंतिम फ़ैसला चुनाव के बाद लिया जा सकता है.

डेक्कन हेराल्ड की ख़बर के अनुसार बीएसएनएल बोर्ड ने सरकार द्वारा मार्च में बनाए गए विशेषज्ञों के पैनल द्वारा दिए गए 10 में से 3 सुझावों को स्वीकार कर लिया है. जिसमें से 1 सुझाव 31 प्रतिशत कर्मचारियों की छटनी करने का है. दूरसंचार विभाग (डीटीओ) कर्मचारियों की छटनी प्रक्रिया में चुनाव खत्म होने तक कोई कार्रवाई नहीं करना चाहता है.  विभाग ने कहा है कि वह अंतिम फ़ैसले के लिए चुनाव का इंतज़ार कर रहा है. जो नई सरकार बनेगी वो इस संदर्भ में फ़ैसला लेगी.

साल 2017-18 के दौरान रिलायंस जियो  द्वारा अनियोजित मूल्य निर्धारण की वजह से बीएसएनएल की कमाई में 20 प्रतिशत की गिरावट आई थी. राज्य द्वारा संचालित इकाई ने 2017-18 के दौरान 7,993 करोड़ रुपए का घाटा उठाया. जो पिछले वर्ष की तुलना में 66 प्रतिशत ज्यादा है.

डेक्कन हेराल्ड के सूत्रों ने बताया कि चुनावी समय में छटनी से न सिर्फ कर्मचारियों पर बल्कि चुनाव पर भी भारी प्रभाव हो पड़ेगा. इसलिए डीटीओ फिलहाल किसी नतीजे पर नहीं पहुंचा है.

बीएसएनएल के बोर्ड ने सरकारी पैनल की जिन अन्य सिफारिशों को मंजूरी दी है, उसमें रिटायरमेंट की उम्र 60 साल से घटाकर 58 साल करने, 50 साल से अधिक उम्र के कर्मचारियों को वॉलेंटेरी रिटायरमेंट स्कीम (वीआरएस) देने और 4G स्पेक्ट्रम के आवंटन में तेज़ी लाना शामिल है.

ग़ौरतलब है कि अगर रिटायरमेंट और वीआरएस के फ़ैसले पर सरकार की सहमति होगी तो बीएसएनएल के लगभग 54,451 कर्मचारियों को नौकरियां गवानी पड़ सकती है. जो बीएसएनएल में कार्यरत कुल कर्मचारियों का 31 प्रतिशत हिस्सा है. फिलहार बीएसएनएल में 174,312 कर्मचारी काम करते हैं.

You can also read NewsCentral24x7 in English.Click here
+