कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।

बुलंदशहर हिंसा: योगी आदित्यनाथ ने बताया इंस्पेक्टर सुबोध सिंह की हत्या को एक दुर्घटना

आदित्यनाथ ने कहा, “बुलंदशहर में जो हुआ वह कोई मॉब लिंचिंग का मामला नहीं था.”

बुलंदशहर में कथित गौकशी को लेकर भीड़ द्वारा की गयी हिंसा में उत्तरप्रदेश के पुलिस इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह की हत्या को सिर्फ चार ही दिन बीते हैं. इतने में ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को दिल्ली में एक कार्यक्रम के दौरान सिंह की मौत को एक ‘दुर्घटना’ करार दिया.

न्यूज़18 की एक ख़बर के मुताबिक़ आदित्यनाथ ने कहा, “बुलंदशहर में जो हुआ वह कोई मॉब लिंचिंग का मामला नहीं था.”

गौरतलब है कि बुलंदशहर में इस हिंसा के एक विडियो में एक भीड़ इंस्पेक्टर सिंह का पीछा करती नज़र आ रही है. इस विडियो में एक व्यक्ति चिल्लाता हुआ नज़र आया है, “मारो, उसकी बन्दूक ले लो.” सिंह पर एक भीड़ ने हमला कर दिया था और विडियो के अंत में वे ज़मीन पर बेहोश पड़े नज़र आए थे. पोस्ट मोर्टेम की रिपोर्ट के मुताबिक़ सिंह की मौत सिर पर गोली लगने से ही हुई है. उनकी मृत्यु से पहले उन पर किसी धारदार हथियार से भी हमला किया गया था.

सिंह का परिवार 6 दिसम्बर को मुख्यमंत्री से मिलने के लिए लखनऊ पहुंचे थे.

ज्ञात हो कि बीते 3 दिसम्बर को 400 लोग की भीड़ बुलंदशहर ज़िले के स्याना क्षेत्र में कथित तौर पर गौकशी की ख़बर मिलने के बाद हमलावर हो गई. इस दौरान इस भीड़ ने कई गाड़ियां जला दी, पथराव किया और गोलीबारी भी की. इस हिंसा के दौरान इंस्पेक्टर सुबोध सिंह और एक 20 वर्षीय युवक सुमित कुमार की मौत हो गई.

बहरहाल इस मामले में कुछ दक्षिणपंथी कार्यकर्ताओं का नाम पुलिस द्वारा गौकशी और इंस्पेक्टर सुबोध सिंह की हत्या के मामले में दर्ज प्राथमिकी में आया है. इनमें भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा के कार्यकर्ता, एक विश्व हिन्दू परिषद के सदस्य और बजरंग दल के प्रमुख योगेश राज का नाम शामिल है.

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