कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।

नदी किनारे मिला CCD के मालिक वी.जी सिद्धार्थ का शव, दो दिनों से थे लापता

बीते 27 जुलाई को सिद्धार्थ द्वारा कंपनी के नाम लिखा एक पत्र सामने आया था. जिसमें उन्होंने इक्विटी पार्टनर और कर्जदाताओं के ‘भारी दबाव’ का जिक्र किया था.

देश की सबसे बड़ी कॉफी चेन कैफे कॉफी डे (सीसीडी) के संस्थापक वी.जी सिद्धार्थ (60 वर्षीय) का शव बुधवार को मेंगलुरु की नेत्रावती नदी के किनारे मिला है. वी.जी सिद्धार्थ के रिश्तेदारों और दोस्तों ने शव की पहचान की है.

वी.जी सिद्धार्थ बीते सोमवार (29 जुलाई) से लापता थे. जिसके बाद उन्हें ढूंढने के लिए 25 तैराकों समेत कोस्ट गार्ड के जहाज आईसीजीएस राजदूत और एसीवी (एच-198) की मदद से सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया था.

दैनिक भास्कर की ख़बर के अनुसार उनके ड्राइवर ने पुलिस को बताया कि सिद्धार्थ उलाल शहर में स्थित पुल तक घूमने आए थे. वहां उन्होंने कार रुकवाई और पैदल चले गए. ड्राइवर ने बताया कि मैं 90 मिनट तक उनका इंतजार करता रहा. लेकिन जब वे वापस नहीं आए तो मैंने पुलिस को सूचित किया.

बीते 27 जुलाई को सिद्धार्थ द्वारा कंपनी के नाम लिखा एक पत्र सामने आया था. जिसमें उन्होंने इक्विटी पार्टनर और कर्जदाताओं के ‘भारी दबाव’ का जिक्र किया था. उन्होंने पत्र में लिखा था कि मैं एक बिजनेसमैन के तौर पर नाकाम रहा.

सिद्धार्थ ने पत्र में लिखा, “बेहतर प्रयासों के बावजूद मैं मुनाफे वाला बिजनेस मॉडल तैयार करने में नाकाम रहा. मैंने लंबे समय तक संघर्ष किया लेकिन मैं अब और दबाव नहीं झेल सकता.” उन्होंने लिखा, “आयकर विभाग के पूर्व डीजी ने माइंडट्री की डील रोकने के लिए 2 बार हमारे शेयर अटैच किए थे. बाद में कॉफी डे के शेयर भी अटैच कर दिए. यह गलत था जिसकी वजह से हमारे सामने नकदी का संकट आ गया.’’

हालांकि अभी इस बात की पुष्टि नहीं हो पाई है कि यह पत्र सिद्धार्थ ने ही लिखा था.

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