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एक्शन में लौटे CBI चीफ़ आलोक वर्मा: नागेश्वर राव द्वारा हटाए गए सभी अधिकारियों को वापस बुलाया

निदेशक आलोक वर्मा ने दो आदेश जारी करते हुए 24 अक्टूबर, 2018 से 3 जनवरी, 2019 तक किए गए सभी तबादलों को निरस्त कर दिया.

सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के बाद सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा ने एक बार फिर अनपा कार्यभार संभाल लिया है. पद संभालते ही उन्होंने अंतरिम निदेशक के रूप में नियुक्त एम नागेश्वर द्वारा किए गए ज़्यादातर ट्रांसफ़रों को निरस्त कर दिया.

सीबीआई के संयुक्त निदेशक एम नागेश्वर राव ने अलोक वर्मा और राकेश अस्थाना को छुट्टी पर भेजे जाने के बाद 23 अक्टूबर, 2018 को अंतरिम निदेशक के रूप में कार्यभार संभाला था. इसके अगले ही दिन राव ने अस्थाना के ख़िलाफ़ भ्रष्टाचार के मामले की जांच कर रहे डिप्टी पुलिस अधीक्षक ए के बस्सी, डीआईजी एम के सिन्हा, संयुक्त निदेशक ए के शर्मा समेत 7 लोगों के ट्रान्सफर के निर्देश जारी किए थे.

इसके बाद 3 जनवरी, 2019 को उन्होंने संयुक्त निदेशक श्रेणी के अफसरों का तबादला किया था.

लेकिन बुधवार, 9 जनवरी को निदेशक आलोक वर्मा ने दो आदेश जारी करते हुए 24 अक्टूबर, 2018 से 3 जनवरी, 2019 तक किए गए सभी तबादलों को निरस्त कर दिया.

दरअसल, सर्वोच्च न्यायालय ने मंगलवार, 8 जनवरी को केंद्रीय सरकार द्वारा वर्मा को छुट्टी पर भेजने के आदेश को रद्द किया. लेकिन सीवीसी द्वारा उन पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच ख़त्म होने तक कोई भी बड़ा नीतिगत फैसला लेने से उन्हें रोका गया है.

सर्वोच्च न्यायालय ने कहा है कि 31 जनवरी को सेवानिवृत होने वाले वर्मा के सम्बन्ध में आगे कोई भी फैसला ‘हाई-पॉवर्ड कमिटी’ ही लेगी जो कि सीबीआई निदेशक का चुनाव और नियुक्ति करती है.

पीटीआई इनपुट्स पर आधारित

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