कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।

इधर सपा-बसपा में शुरू हुई गठबंधन की बात, उधर अखिलेश के ऊपर कसा CBI का शिकंजा

जांच एजेंसी ने पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव सहित सपा के एक अन्य नेता को भी तलब किया.

सपा-बसपा के गठबंधन की ख़बर सामने आते ही केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई ने अपना काम शुरू कर दिया है. सीबीआई ने लंबे से ठंडे बस्ते में पड़े अवैध रेत खनन मामले में कार्रवाई शुरू कर दी है. इस मामले में सपा नेता और पूर्व सीएम अखिलेश यादव भी निशाने पर हैं.

सीबीआई ने अवैध रेत खनन मामले में शनिवार को 14 जगहों पर छापा मारा. जांच एजेंसी ने पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव सहित सपा के एक अन्य नेता को भी तलब किया. 2008 बैच की आईएएस अधिकारी बी चंद्रकला के यहां भी सीबीआई ने छापे मारे हैं.

इत्तेफाक की बात यह है कि शनिवार की सुबह को ही सपा और बसपा गठबंधन के तय होने की ख़बर सामने आई.

जांच अधिकारियों ने बताया कि घोटाले का यह मामला तब का है जब अखिलेश के पास 2012 से जून 2013 के बीच खनन विभाग का अतिरिक्त प्रभार था.

इस मामले को विपक्ष सियासत से जोड़ कर देख रहा है. विपक्षी दलों का मानना है कि यूपी में सपा-बसपा गठजोड़ की संभावना को देखते हुए दोनों दलों के नेताओं के ख़िलाफ़ भ्रष्टाचार के मामलों की फाइल फिर से खंगाली जा सकती है.

अनुमान के मुताबिक सपा-बसपा गठजोड़ के कारण इस साल होने वाले लोकसभा चुनाव में भाजपा को भारी नुकसान हो सकता है.

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