कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।

सीबीआई में नंबर दो के अधिकारी राकेश अस्थाना पर एफ़आईआर दर्ज़, रिश्वतखोरी का लगा है आरोप

सीबीआई के विशेष निदेशक राकेश अस्थाना ने सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया था

केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने भ्रष्टाचार के एक मामले में अपने विशेष निदेशक राकेश अस्थाना के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज़ कराया है। राकेश अस्थाना सीबीआई में दूसरे नंबर के उच्च अधिकारी हैं।
मोईन क़ुरैशी भ्रष्टाचार मामले की जांच विशेष जांच दल (एसआईटी) कर रही थी। अस्थाना इस टीम के अध्यक्ष थे। इसी मामले की जांच करते हुए एक बिज़नेसमैन से रिश्वत लेने के आरोप में राकेश अस्थाना का नाम आरोपी नंबर एक के रूप में शामिल किया गया है। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक़ सीबीआई ने मंगलवार को अस्थाना के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दायर किया।
बीते 21 सितंबर को सीबीआई ने कहा था कि उसने केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) को इस बात की जानकारी दी थी कि वे राकेश अस्थाना के ख़िलाफ़ भ्रष्टाचार के छह मामलों की जांच कर रहे हैं। इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक अब सीबीआई ने टेलीफ़ोन इंटरसेप्ट्स, व्हाट्सएप मैसेज़, पैसे की हेरा-फेरी (मनी ट्रेल) के सबूत मजिस्ट्रेट के सामने धारा 164 के तहत दर्ज कराया है।
इससे पहले सीबीआई ने यह भी कहा था कि अस्थाना निदेशक आलोक वर्मा की छवि को भी धूमिल करने की कोशिश कर रहे हैं और वर्मा के ख़िलाफ़ सीवीसी में शिकायत करके उनके ख़िलाफ़ जांच में शामिल अधिकारियों को डराने की कोशिश कर रहे हैं।
ग़ौरतलब है कि राकेश अस्थाना ने आलोक वर्मा के ख़िलाफ़ शिकायत करते हुए केंद्र सरकार को पत्र लिखा था कि वर्मा उनके द्वारा की जा रही जांच में हस्तक्षेप कर रहे हैं।
इसके अलावा राकेश अस्थाना पर 4,000 करोड़ के मनी लॉन्ड्रिग मामले में शामिल होने का आरोप है, जिसकी जांच ख़ुद सीबीआई कर रही है। एफ़आईआर में ख़ुफ़िया संगठन रॉ (रिसर्च एंड एनालिसिस विंग) के विशेष निदेशक सामंत कुमार गोयल के नाम को भी शामिल किया गया है। हालांकि, इनका नाम आरोपी के रूप में नहीं है।
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