कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।

चांदनी चौक सौदर्यींकरण परियोजना: अधिकारियों की रस्साकस्सी में दिल्ली-6 के लोगों और दुकानदारों की स्थिति दयनीय

“चलने के लिए जगह नहीं है. खुदाई के कारण सीवर के पाइप फट गये हैं. पीने का पानी गंदा आ रहा है. बदबू से परेशान हैं और यहां काम भी कुछ नहीं हो रहा है.”

दिल्ली का सबसे पुराना और व्यस्त बाजारों में से एक चांदनी चौक के सौंदर्यीकरण की परियोजना चल रही है. दिल्ली हाइकोर्ट के निर्देश के अनुसार शाहजहांनाबाद रिडिवलपमेंट कॉरपोरेशन (एसआरडीसी), दिल्ली अर्बन आर्ट कमीशन (डीयूएसी) और लोक निर्माण विभाग (पीडब्लयूडी) के साथ ही अन्य विभागों द्वारा यह काम दिसंबर 2018 में शुरु कर दिया गया.

परियोजना के तहत पहले से बनी रोड की ख़ुदाई कर दी गयी है और रास्ते को ब्लॉक कर दोनों तरफ से टीन शेड लगा दिया गया है. इस वजह से अब यह रास्ता सिंगल लेन बन गया है और अक्सर ट्रैफिक जाम  के कारण दिल्ली-6 के लोगों की हालत दयनीय है. इसके साथ ही चांदनी चौक पर स्थित गांधी पार्किंग और दंगल पार्किंग को तोड़ कर मल्टीलेबल पार्किंग बनाया जा रहा है. ऐसे में पार्किंग के लिए कोई जगह नहीं होने से लोग ईधर-उधर गाड़ी खड़ी करने को मजबूर हैं और फिर उस गाड़ी को जब्त कर उनसे भारी-भरकम ज़ुर्माना वसुला जा रहा है.

चांदनी चौक पर रोड की खुदाई और टीन शेड (फोटो-काजल सिंह)

इस परियोजना पर काम शुरुआती दौर में तो काफी तेजी से चल रहा था. लेकिन, अब इसकी गति धीमी हो गयी है. दिल्ली हाईकोर्ट लगातार जनहित की समस्याओं पर प्रोजेक्ट से जुड़े अधिकारियों को ध्यान देने के लिए कह रहा है. कोर्ट ने पार्किंग की समस्या का समाधान करने के लिए विचार- विमर्श कर हल तलाशने का आदेश दिया है. ग़ौरतलब है कि प्रोजेक्ट से जुड़े अधिकारियों के बीच में ही तनातनी चल रही है. जिसके बीच में दिल्ली- 6 के व्यापारी और आम जन फंसे हुए है.

कारोबार हुआ आधा लेकिन माल ढुलाई का ख़र्च बढ़ गया पाँच गुना

स्नेह अख़िलेश लेडिज़ कपड़ा दुकान के ललित बताते हैं कि, “यह काम दिसंबर से शुरु हुआ है. टीन शेड लगने के कारण 50 से 60 प्रतिशत कस्टमर अब नहीं आ रहे हैं. चांदनी चौक आने में कस्टमर के सामने पार्किंग से लेकर ट्रैफिक तक की दिक्कत है. अब कस्टमर असुविधा के कारण यहां ना आकर लाजपत नगर, करोलबाग जा रहे हैं. यहां की पुरानी पार्किंग को तोड़कर मल्टीलेवल पार्किंग बनाया जा रहा है.”

ललित बताते हैं, “प्रशासन का कहना था कि डेढ़ साल में यह काम पूरा हो जाएगा. लेकिन, अब कहते हैं कि तीन साल लगेगा.” काम की गति को लेकर उन्होंने कहा कि, “जब खुदाई का काम शुरु हुआ था तब यह काफी स्पीड से चल रहा था. लेकिन, पिछले डेढ़ दो महिनों से कोई काम नहीं हो रहा है. ना दिन में काम हो रहा है ना रात में. हम चाहते हैं कि विभाग इसे जल्द से जल्द पूरा करे और पार्किंग की समस्या का कोई समाधान निकाले.”

ललित (फोटो-काजल सिंह)

वीआईपी स्टोर के मैनेजर कहते हैं, “पिछले साल की तुलना में कारोबार की गति में 50 से 60 प्रतिशत की कमी आयी  है. पिछले 1 महीने से काम नहीं हो रहा है. कहा जाता है कि रात में काम होता है. लेकिन, काम क्या होता है हमें नहीं दिख रहा. दिन में भी कोई काम नहीं हो रहा. बिजली कभी भी चली जाती है. खुदाई के कारण सीवर का पानी बाहर आने से बदबू फैल रहा है. इस काम से हमें कोई लाभ नहीं हो रहा, सबसे ज्यादा नुकसान इस महीने में हुआ है. फरवरी तक ग्रोथ दिख रहा था. मार्च में चुनाव शुरु होते ही काम भी रुक गया और कारोबार भी.”

वीआईपी स्टोर मैनेजर (फोटो-काजल सिंह)

लहंगा और साड़ियों की दुकान अनारकली बाज़ार के मालिक मदन मोहन कहते हैं कि, “टीन शेड लगने के कारण लोगों को दुकान नहीं दिख रही है. पार्किंग नहीं होने के कारण लोग मेट्रो से आ तो रहे हैं लेकिन, कस्टमर की संख्या पहले जैसी नहीं हैं.  इन सबके अलावा सबसे बड़ी परेशानी माल ढुलाई के लिए हो रही है. गाड़ी दूर खड़ी होती है और झल्ले वाले सिर पर रखकर माल दुकान तक लाते हैं. जिसके कारण झल्ले वालों का चार्ज भी बढ़ गया है.”

साड़ी कारोबारी ‘मदन मोहन’ (फोटो-काजल सिंह)

वहीं, कालीन और दरी का कारोबार करने वाले, पेशावर दुकान के मालिक परवेश बताते हैं कि , “माल ढुलाई के पहले 20 रुपये देते थे  लेकिन अब 100 रुपये देने पड़ते हैं.“

कालीन कारोबारी ‘परवेश’ (फोटो-काजल सिंह)

अपनी समस्याओं को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट पहुंचा थोक व्यापार संगठन, ट्रैफिक और परियोजना के कारण लंबित कार्यों से थोक व्यापार के भविष्य को लेकर चिंतित हैं. व्यापारी लगातार एलजी से लोडिग-अनलोडिग के लिए कोई अन्य रास्ता निकालने की बात कर रहे हैं.

नवभारत टाइम्स की ख़बर के मुताबिक, क़रीब 25 हज़ार कपड़ा व्यापारियों का संगठन दिल्ली हिंदुस्तानी मार्केंटाइल एसोसिएशन ने एलजी अनिल बैजल और मुख्यमंत्री केजरीवाल से अपील की है कि इस सौंदर्यीकरण काम के कारण उनके व्यापार में क़रीब 70 प्रतिशत की कमी आ गयी है. यदि यह काम ज्यादा दिनों तक लंबित रहा तो बाज़ार बंद करना पड़ेगा. माल की आवाजाही के लिए रिजर्व समय या अस्थायी कॉरिडोर की मांग की है.

अधिकारियों में आपसी घमासान

दरअसल, पिछले कुछ दिनों से प्रोजेक्ट से जुड़े अधिकारी और विभागों के बीच रस्साकसी चल रहा है. बीते 4 मई को दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल ने प्रोजेक्ट पर उठ रहे सवालों को लेकर मीटिंग बुलाई थी. मीटिंग में प्रोजेक्ट में कुछ बदलावों को लेकर चर्चा हुई. जिसमें 23 ट्रांसफॉर्मर में से चार को सेंट्रल वर्ज में ना लगाकर कहीं और लगाया जा रहा है, बीच में बनने वाले छह टॉयलेट में से तीन को कहीं और शिफ्ट किया जा रहे हैं, तीन ट्रैफिक और तीन पुलिस बूथों को भी दूसरे स्थान पर शिफ्ट किया जा रहा है. इसके अलावा प्रोजेक्ट में कोई बदलाव नहीं हो सकता, अब तक इसमें करोड़ो रुपये खर्च हो चुके हैं.               

वहीं, ट्रांसफॉर्मर को सेंट्रल वर्ज में बनाए जाने को लेकर दिल्ली अर्बन आर्ट कमिशन (डीयूएसी) और विरासत संरक्षकों ने आपत्ति ज़ाहिर की है. उनका कहना है कि सेंट्ल वर्ज में ट्रांसफॉर्मर व अन्य सुविधाओं के शिफ्ट किए जाने से बाजार की ख़ुबसुरती ख़राब होगी. इसलिए इसे बाजार के फुटपाथ व अन्य स्थानों पर लगाने की मांग की, ताकि बाजार की पूरी संरचना निखर कर सामने आए. हालांकि, ट्रांसफॉर्मर को सेंट्रल वर्ज में लगाने का फैसला हाईकोर्ट ने दिया था. दोनों पक्षों को सुनने के बाद एलजी ने अफसरों को कहा है कि बाजार का दौरा कर इस समस्या का हल निकाला जाए.

एसआरडीसी के डीजीएम प्रोजेक्ट नितिन पाणिग्रही ने इस मसले पर न्यूज़सेंट्रल24×7 को बताया, “हमारे बीच ऐसी कोई बड़ी समस्या नहीं है. डीएसयूसी ने कुछ मुद्दें बताए हैं, जिसपर बात की जा रही है. हाईकोर्ट में यह मसला पहुंच गया था और अब यह मामला एलजी के पास है. एलजी द्वारा जो भी फैसला होगा, उसी तरीके से काम आगे बढ़ेगा.”

पेयजल , बिजली की समस्या, ट्रैफ़िक और सीवर की बदबू से जूझते दिल्ली-6 के निवासी

फ़रफ़ान अहमद की दुकान पिछले चार साल से चांदनी चौक में चल रही है. उनका कहना है कि, “जब से टीन शेड लगा है तब से समस्या ही सम्स्या है. चलने के लिए जगह नहीं है. पिछले 1 महीने से कोई काम नहीं हो रहा है. खुदाई के कारण सीवर के पाइप फट गये हैं. पीने का पानी गंदा आ रहा है. बदबू से परेशान हैं. दिल्ली-6 के लोग और हम दुकानदार रोजाना इन समस्याओं को झेल रहे हैं. लेकिन, काम कब तक ख़त्म होगा इसका कोई अंदेशा नहीं है.”

दुकानदार फ़रफ़ान अहमद (फोटो-काजल सिंह)

चांदनी चौक पर ऑटो चलाने वाले बिनोद कुमार बताते हैं कि, “कंट्रक्शन की वजह से काम में बहुत फर्क पड़ा है. ट्रैफिक का बहुत बूरा हाल है. बीच में खुदाई का काम चल रहा था तब साइड का रास्ता खुला हुआ था. लेकिन, अब आवाजाही के लिए सिंगल रास्ता है. काम की स्पीड़ बहुत धीमी है, पता नहीं है कि काम ख़त्म होने में कितने साल लग जाएंगे.”

ऑटो चालक बिनोद कुमार (फोटो- काजल सिंह)

चांदनी चौक पर सप्ताह में दो से तीन बार काम की वजह से चक्कर लगाने वाले अमृतलाल ने बताया, “सबसे ज्यादा समस्या यह है कि सिंगल लेन होने के कारण अब यहां से आने जाने में वक़्त बहुत ख़राब होता है. ऑटो-रिक्शा वालों ने भी किराया बढ़ा दिया है. लेकिन, काम क्या हो रहा है यह हमें नहीं दिख रहा. काम की कोई डेडलाइन होनी चाहिए. लेकिन, यहां कोई टाइम बाउंड नहीं है”

अमृतलाल (फोटो-काजल सिंह)

क्या है रिडिवलेपमेंट परियोजना

इस परियोजना के तहत चांदनी चौक में लालकिला से फतेहपुरी मस्जिद तक रोड के सेंट्रल वर्ज को 3.5 मीटर चौड़ा किया जाना है. इतनी चौडाई में सेंट्रल वर्ज पर जितने भी बिजली के खंभे हैं, उन्हें बीच में शिफ्ट किया जाना है. इसके अलावा रोड के दोनों तरफ रिक्शा के लिए 5.5 मीटर का कैरिजवे बनाया जाएगा. रोड के दोनों तरफ 13.5 मीटर का एरिया पैदल यात्रियों के लिए रिजर्व होगा. रिडेवलमेंट प्लान को पूरा करने की डेडलाईन 9.5 महीने थी. लेकिन, दिसंबर से अब तक 7 महीने बीत चुके हैं और प्लान के अनुसार काम नज़र नहीं आ रहा है.

रिडिवलपमेंट परियोजना के तहत चांदनी चौक का दुश्य

बता दें कि पिछले 14 साल से इसके सौंदर्यीकरण की प्लानिंग चल रही थी. कई बार डिजाइन बना, कार्य का उद्घाटन भी हुआ. लेकिन, प्लान फेल हो गया. हालाकि, इस बार यह मामला हाईकोर्ट के पास पहुंच गया है और इस कार्य को पूरा करने के लिए कोर्ट सख़्त नज़र आ रहा है. लेकिन तय की गयी अवधि में कार्य ख़त्म होने के आसार नज़र नहीं आ रहे.

चांदनी चौक सर्व व्यापार मंडल के प्रेसिडेंट संजय भार्गव का कहना है कि, “1.3 किलोमीटर का रोड है जिसपर खुदाई की गयी है. पूरे स्टेज पर काम नहीं हो सकता है. पहले जोन में लाल किला से लेकर चांदनी चौक तक का काम 15 अगस्त (2019) तक ख़त्म हो जाएगा. बचे हुए काम का टारगेट मार्च 2020 तक था. लेकिन, हम कोशिश कर रहे हैं कि 15 दिसंबर (2019) तक यह काम भी खत्म हो जाए. खुदाई के बाद सिविल वर्क का काम होगा. काम की स्पीड में कोई कमी नहीं आई है. पानी, बिजली के पाइप लगा दिए गये हैं. हाल ही में 10 ट्रांसफॉर्मर भी लगाया गया है.”

चांदनी चौक सर्व व्यापार मंडल प्रेसिडेंट ‘संजय भार्गव’ (फोटो-काजल सिंह)

वहीं, दुकानदारों की समस्याओं को लेकर उन्होंने कहा कि, “पिछले 100 साल में पहली बार काम हो रहा है, तो तक़लीफ तो होगा ही. खुदाई के कारण पानी के पाइप कट गया है (क्योंकिं, ज़मीन के अंदर पाइप कहां-कहां है हमारे पास इसका कोई नक्शा नहीं है) इसलिए यह परेशानी हो रही है. लेकिन, इन सब चीजों पर ध्यान दिया जा रहा है. कस्टमर की संख्या में कोई कमी नहीं आयी है. शादियों का सीजन ख़त्म हो गया है. इसलिए कस्टमर अभी कम आ रहे हैं.”

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