कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।

छत्तीसगढ़ में भाजपा नेताओं की गुंडागर्दी: पार्टी की बैठक कवर करने गए पत्रकार को बुरी तरह मारा

भाजपा के नेताओं ने आपस में मारपीट की थी, जिसका विडियो पत्रकार सुमन पाण्डेय ने बना लिया था

भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने छत्तीसगढ़ के रायपुर में एक पत्रकार के साथ मारपीट की है. एक वेबसाइट के पत्रकार सुमन पाण्डेय यहां भाजपा के जिला स्तरीय बैठक को कवर करने गए थे. पुलिस का कहना  है कि सुमन पाण्डेय कथित तौर पर इस बैठक की विडियो रिकॉर्डिंग कर रहे थे.

पत्रकार सुमन पाण्डेय के सिर में चोट आई है. इसके बाद उन्होंने रायपुर के भाजपा जिलाध्यक्ष राजीव अग्रवाल सहित चार लोगों पर प्राथमिकी दर्ज कराई है. इस मामले में अन्य आरोपियों की पहचान भाजपा नेता विजय व्यास, उत्कर्ष त्रिवेदी और दीना डोंगरे के रूप में की गई है. हालांकि अभी किसी की भी गिरफ़्तारी नहीं की जा सकी है.

आरोपियों के ऊपर आईपीसी की धारा 342, धारा 323, धारा 504 और धारा 34 के आधार पर मुक़दमा दर्ज किया गया है. पत्रकार सुमन पाण्डेय ने अपनी शिकायत में कहा है कि जब वे एकात्मा परिसर कार्यालय में भाजपा की बैठक को कवर कर रहे थे तो उनके साथ पिटाई की गई. उन्होंने आगे कहा कि इस मारपीट में भाजपा के नेता शामिल थे.

उन्होंने कहा है, “मैं भाजपा की बैठक का विडियो बना रहा था, तभी बैठक में शामिल कुछ नेता आपस में मारपीट करने लगे. मेरे कैमरे में इनकी मारपीट का विडियो भी आ गया. तभी भाजपा के जिलाध्यक्ष राजीव अग्रवाल और उत्कर्ष त्रिवेदी आए और मुझसे विडियो डिलीट करने के लिए बोलने लगे. जब मैंने विडियो डिलीट करने से मना कर दिया तब उन्होंने मारा और जबर्दस्ती विडियो को डिलीट कर दिया.”

उन्होंने आगे कहा है, “मुझे बैठक वाले कमरे में 20 मिनट तक जबर्दस्ती रोक कर रखा गया उसके बाद मैंने बाहर आकर अपने सहयोगियों से अपनी बात रखी.”

उन्होंने बताया कि इसके बाद कुछ अन्य पत्रकारों ने भाजपा कार्यालय पहुंचकर आरोपियों की गिरफ़्तारी की मांग की. भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता सच्चिदानंद उपासने ने कहा है कि उनके पार्टी के सदस्यों ने पाण्डेय से माफ़ी मांग ली है.

भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता ने कहा है, “विधानसभा चुनाव में पार्टी की हार की समीक्षा के लिए बंद कमरे में बैठक हो रही थी. इस दौरान शुरुआती विडियो फुटेज लेने के बाद पत्रकारों से कमरे के बाहर जाने की बात कही गई. पार्टी के कार्यकर्ताओं से भी मोबाइल फोन को स्विच ऑफ करने का आदेश दिया गया. तभी एक व्यक्ति को विडियो बनाते देखकर मना किया गया. जब पता चला कि वह व्यक्ति पत्रकार है, तब पार्टी के नेताओं ने विडियो डिलीट करने के लिए कहा. इसी को लेकर पार्टी के नेताओं और उक्त पत्रकार में थोड़ी मारपीट हुई. इसके बाद मैंने थोड़ी देर उन्हें कमरे में बिठाए रखा. जब पत्रकारों ने विरोध प्रदर्शन किया तो भाजपा के नेताओं ने माफ़ी मांग ली.”

भाजपा प्रवक्ता ने कहा है कि इस मामले को पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अपने स्तर से देखेंगे.  इस बीच छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री टी. एस. सिंहदेव ने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है.

टी. एस. सिंहदेव ने कहा है कि यह एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना है. इस तरह की घटना किसी के साथ नहीं होनी चाहिए और इस पर कड़ी कार्रवाई करने की जरूरत है.

 

पीटीआई इनपुट्स पर आधारित

 

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