कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।

छत्तीसगढ़: गोदी मीडिया के ख़िलाफ़ भड़का जनता का गुस्सा, कहा- एक संगठित गिरोह के रूप में काम रहा है मीडिया

गोदी मीडिया के ख़िलाफ़ प्रदर्शन कर रहे लोगों ने कहा कि आज समाचारों से गांव और खेती के ख़बरें गायब हो गई हैं और सिर्फ मोदी की जय-जयकार होती है.

छत्तीसगढ़ में गोदी मीडिया के ख़िलाफ़ जनता का जबरदस्त गुस्सा फूट पड़ा है. बेमेतरा-नवागढ़ और मुंगेली में लोगों ने केंद्र सरकार की वाहवाही करने वाली गोदी मीडिया के ख़िलाफ़ जमकर नारेबाजी की. लोगों का कहना है कि आजकल समाचारों में मूल ख़बरों को जगह नहीं दी जाती है और सिर्फ मोदी की जय-जयकार होती है.

अपना मोर्चा वेबसाइट की ख़बर के अनुसार बीते 28 अप्रैल को डोला यात्रा के दौरान सड़कों पर उतरे लोगों ने पूंजीवाद, मनुवाद, जातिवाद, मोहन भागवत, संघवाद और सांप्रदायिकता के ख़िलाफ़ नारेबाजी करते हुए गोदी मीडिया से आज़ादी पाने के लिए अपनी आवाज़ बुलंद की.

इस यात्रा में शामिल लोगों ने कहा कि, पहले मीडिया का बहुत सम्मान होता था, लेकिन अब स्थिति बदल गई है. टीवी और अखबारों से गांव और खेत-खलिहान की ख़बरें गायब हो गई हैं. टीवी चैनलों में सिर्फ मोदी दिखाई देते हैं. ऐसा प्रतीत होता है कि मोदी के अलावा कोई दूसरा व्यक्ति इस देश में नहीं रहता है.

डोला यात्रा में शामिल एक नौजवान ने कहा, “छत्तीसगढ़ में जब रमन सिंह की सरकार थीं तब भी मीडिया उनकी जय-जयकार करने में लगी हुई थीं. विज्ञापन और ख़बरों में जनता को झूठी सूचनाएं से अवगत कराया जाता था.”

नौजवान का कहा, “दिल्ली हो या छत्तीसगढ़ हर जगह मीडिया के लोग एक संगठित गिरोह की तरह काम कर रहे हैं. लेकिन, अब ऐसा नहीं चलेगा. एक दिन सबक सीखा दिया जाएगा.”

हालांकि इस यात्रा में स्वाभिमानी, मेहनतकश और और समाज के लिए काम करने वाले मीडियाकर्मियों के सम्मान की रक्षा के लिए भी नारे लगाए गए थे.

ग़ौरतलब है कि 12 सालों से निकाली जा रही डोला यात्रा के जरिए लोगों को यह संदेश देने की कोशिश की जाती है कि जात-पात का बंधन तोड़कर मनुष्य को मनुष्य समझा जाए.

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