कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।

मुख्यमंत्री योगी को गोरखपुर की घटना से नहीं मिली सीख, बहराइच में 45 दिनों में हुई 70 से ज़्यादा बच्चों की मौत

अस्पताल की क्षमता 200 बिस्तरों की है, जबकि यहां 450 बच्चे भर्ती किये गए हैं।

जनता के सवाल:

प्रश्न 1 – उत्तर प्रदेश में बच्चों की लगातार हो रही मौतों पर क्यों चुप हैं योगी आदित्यनाथ?

प्रश्न 2 – क्या बच्चों के स्वास्थ्य पर ध्यान देने के मुद्दे पर फेल है भाजपा?

प्रश्न 3 – पिछले साल गोरखपुर के बीआरडी अस्पताल में हुई मौतों से क्यों नहीं ली योगी सरकार ने सीख?

उत्तर प्रदेश सरकार की लापरवाही से एक बार फिर से भारी संख्या में बच्चों की मौत का मामला सामने आया है। यहां बीते 45 दिनों के भीतर बहराइच के जिला अस्पताल में कम से कम 71 बच्चों की मौत हो गई है। समाचार वेबसाइट द वायर के मुताबिक अस्पताल के मेडिकल सुपरिटेंडेंट के डीके सिंह का कहना है कि अस्पताल में पर्याप्त मात्रा में सुविधाएं नहीं हैं, जिनकी वजह से इन बच्चों की मौत हो गई है। उन्होंने कहा कि अस्पताल की क्षमता 200 बिस्तरों की है, जबकि फिलहाल यहां 450 बच्चे भर्ती किये गए हैं।

गौरतलब है कि बीते जुलाई महीने में एक रिपोर्ट आई थी, जिसमें कहा गया था कि गोरखपुर के बीआरडी अस्पताल में पिछले 6 महीने में 1,049 बच्चों की मौत हो चुकी है। इस अवधि में सबसे अधिक मौत नियोनेटल इंटेसिव केयर यूनिट (एनआईसीयू) में हुई है। एनआईसीयू में कुल 681 बच्चों की मौत हुई है। बताया जाता है कि ये सभी बच्चे संक्रमण, सांस की समस्या आदि बीमारियों से पीड़ित थे।

गंभीर मसला यह है की हाल ही में यूएन की एक रिपोर्ट में कहा गया था कि भारत में हर दो मिनट में तीन नवजातों की मौत हो जाती है।

You can also read NewsCentral24x7 in English.Click here
+