कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।

गणतंत्र दिवस पर खाली मैदान को संबोधित करते नज़र आए मिज़ोरम के राज्यपाल

नागरिकता बिल में संशोधन के विरोध में कई संगठनों ने गणतंत्र दिवस का राज्य स्तर पर बायकॉट किया.

मिज़ोरम में गणतंत्र दिवस के मौके पर अलग ही नज़ारा देखने को मिला. यहां के राज्यपाल कुम्मानम राजशेखरन ने लगभग खाली मैदान को संबोधित करते हुए अपना भाषण दिया.

दरअसल,नागरिकता बिल में संशोधन के विरोध में कई संगठनों ने गणतंत्र दिवस का राज्य स्तर पर बायकॉट किया. सरकार और विरोध-प्रदर्शनकारियों के बीच हुए समझौते के तहत केवल कुछ ऊंचे तबके के अधिकारियों को ही इसमे भाग लेने की अनुमति दी गई थी.आम नागरिक इस बायकॉट को समर्थन देते हुए समारोह में शामिल नहीं हुए.

टेलीग्राफ की रिपोर्ट के मुताबिक़ सभी आठ ज़िला मुख्यालयों में समारोह का आयोजन किया गया, जहां केवल सत्ताधारी पार्टी के मंत्री, ऊंचे तबके के अधिकारी और सुपरिटेंडेंट रैंक से ऊपर के पुलिस विभाग के लोग ही शामिल हुए.

बायकॉट की अपील एनजीओ कॉर्डिनेशन कमेटी की ओर से की गई थी. मिज़ोरम के कई सामाजिक समूह और छात्र संगठन इस कमेटी में शामिल हैं. वहीं एक विपक्षी दल ने बिल के विरोध में “काला दिवस” मनाते हुए अपने दफ़्तर पर काले रंग का झंडा फहराया.

अपने संबोधन के दौरान राज्यपाल ने कहा कि राज्य की सीमाओं को सुरक्षित रखने और सीमा पर रहने वालों के विकास के लिए सरकार की ओर से कल्याणकारी योजनाएं लागू की जाएंगी. राज्य सरकार अपनी ओर से ऐसे लोगों के लिए सामाजिक-आर्थिक विकास योजना भी लाएगी.

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