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राफेल समझौते में आखिर किस भ्रष्टाचार को छुपाना चाहते हैं प्रधानमंत्री मोदी: कांग्रेस

मोदी सरकार को निशाने पर लेते हुए चिदंबरम ने कहा कि, “कोई संप्रभु गारंटी नहीं, कोई बैंक गारंटी नहीं, ना ही कोई एस्क्रो खाता, फिर भी एडवांस के रूप में एक बड़ी राशि का भुगतान कर दिया गया.”

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने राफ़ेल मामले में हुए नए खुलासे को लेकर मोदी सरकार पर हमला बोला है. उन्होंने कहा कि सबसे पहले 126 विमानों की जगह 36 विमानों की, बढ़ी हुई कीमतों पर खरीद से दसौल्ट को फायदा पहुंचाया गया. फिर ये बात सामने आई की प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से सामानांतर बातचीत के ज़रिए भारतीय वार्ता टीम के प्रयासों को कमजोर किया गया. अब ये खुलासा हुआ है कि मानक रक्षा खरीद प्रक्रिया के प्रावधानों में बदलाव किये गए थें.

मोदी सरकार को निशाने पर लेते हुए चिदंबरम ने कहा कि, “कोई संप्रभु गारंटी नहीं, कोई बैंक गारंटी नहीं, ना ही कोई एस्क्रो खाता, फिर भी एडवांस के रूप में एक बड़ी राशि का भुगतान कर दिया गया.”

दरअसल, द हिंदू की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि समझौते में भारत सरकार की ओर से फ्रांस को कई सारी रियायतें दी गई हैं, जिसमें भ्रष्टाचार के खिलाफ पेनल्टी से जुड़े अहम प्रावधानों को हटा दिया गया है.

कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने मीडिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए पूछा, “मोदीजी, राफेल सौदे में संप्रभु गारंटी को समाप्त करने के बाद आपने भ्रष्टाचार विरोधी प्रावधानों में भी छूट दे दी, आखिर वह कौन सा भ्रष्टाचार है जिसे आप छिपाना चाहते थे?”

सुरजेवाला के मुताबिक़ पूरा देश, ‘चौकीदार चोर है’ के नारों से गूंज रहा है.

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