कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।

आरएसएस पर कांग्रेस का हमला- नहीं बदला जा सकता व्यक्ति और उसके संगठन का डीएनए

कांग्रेस प्रवक्ता मनीष तिवारी ने कहा है कि चुनाव के नज़दीक आते ही आरएसएस को मंदिर की याद आने लगती है।

जनता के सवाल:

प्रश्न 1. क्या राम मंदिर की चर्चा छेड़ कर हिन्दू वोटों का ध्रुवीकरण करना चाहता है संघ?

प्रश्न 2. क्या मंदिर के बहाने 2019 में हिन्दू वोटरों को लुभाने में कामयाब होगी भाजपा?

प्रश्न 3. मुख्य मुद्दों से भटक कर हर वक़्त मंदिर का राग क्यों अलापती है भाजपा?    

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के राम मंदिर निर्माण वाले बयान पर कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। पार्टी के प्रवक्ता मनीष तिवारी ने कहा है कि चुनाव के नज़दीक आते ही आरएसएस को मंदिर की याद आने लगती है। उन्होंने कहा कि किसी भी संस्थान या व्यक्ति का डीएनए नहीं बदला जा सकता है।

संघ प्रमुख मोहन भागवत ने तीन दिवसीय व्याख्यान माला को संबोधित करने हुए कहा था कि अयोध्या में जल्द से जल्द राम मंदिर का निर्माण हो जाने से हिन्दुओं और मुसलमानों के बीच रिश्तों में सुधार हो सकेगा।इस पर कांग्रेस प्रवक्ता मनीष तिवारी ने कहा कि जब भी चुनाव नजदीक आते हैं आरएसएस और बीजेपी को राम मंदिर की याद सताने लगती है।

उन्होंने कहा कि अगर 1986 से 2018 के बीच संघ और बीजेपी के मंदिर बनाने वाले बयानों पर गौर किया जाए तो पता चलेगा कि जब भी चुनाव आता है तब ये लोग मंदिर बनाने की बात करने लगते हैं।

कांग्रेस नेता ने संघ पर हमला बोलते हुए कहा कि धारा 370 और राम मंदिर पर भले ही आरएसएस का मत नहीं बदला हो लेकिन कश्मीर में धारा 377 को लेकर अब बीजेपी की राय बदल गई है।

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