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कांग्रेस ने सरकार पर ‘आर्थिक कुप्रबंधन’ का आरोप लगाया

कांग्रेस ने आरोप लगाया कि एलआईसी और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों पर आईएलएंडएफएस को 7500 करोड़ रुपये का प्रोत्साहन पैकेज देने का दबाव बनाया जा रहा है।

कांग्रेस ने ‘इंफ्रास्ट्रक्चर लीजिंग एंड फाइनेंसियल सर्विसेज लिमिटेड (आईएलएंडएफएस) पर 91 हजार करोड़ रुपये के कथित कर्ज को लेकर शनिवार को सरकार पर ‘आर्थिक कुप्रबंधन’ का आरोप लगाया और कहा कि ऐसा लगता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं वित्त मंत्री ने देश की वित्तीय व्यवस्था को नष्ट करने का संकल्प ले रखा है।

पार्टी ने यह भी आरोप लगाया कि एलआईसी और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों पर आईएलएंडएफएस को 7500 करोड़ रुपये का प्रोत्साहन पैकेज देने का दबाव बनाया जा रहा है।

कांग्रेस नेता गौरव वल्लभ ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘आईएलएंडएफएस पर 91 हजार करोड़ का कर्ज है। लेकिन दीर्घकालीन और अल्पकालीन ऋण की बात करें तो यह कुल 120,000 करोड़ रुपये का है। इस सरकार में कंपनी का कर्ज औसतन 900 करोड़ रुपये प्रति माह बढ़ा है। हम पूछना चाहते हैं कि यह कैसे हुआ? इसकी जांच होनी चाहिए।’’

उन्होंने कहा, ‘‘आईएलएंडएफएस में 60 फीसदी हिस्सेदारी निजी क्षेत्र की है और इसमें भी 36 फीसदी विदेशी निवेशकों की है। 40 फीसदी हिस्सेदारी एलआईसी और सार्वजनिक क्षेत्र के दूसरे बैंकों की है। इसके बावजूद एलआईसी और एसबीआई पर दबाव बनाया जा रहा है कि वे आईएलएंडएफएस को 7500 करोड़ रुपये का प्रोत्साहन पैकेज दें।’’

वल्लभ ने सवाल किया कि विदेशी निवेशकों के हितों को सुरक्षित रखने के लिए आम भारतीय नागरिकों के निवेश को दांव पर क्यों लगाया जा रहा है?

उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘ऐसा लगता है कि प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री ने देश की वित्तीय स्थिति को नष्ट करने का संकल्प ले रखा है। इनके आर्थिक कुप्रबंधन की वजह से देश के वित्तीय संस्थाओं की हालत खराब होती जा रहा है।’’

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