कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।

आरएसएस हिंसा में विश्वास करता है और उसका आधार ध्रुवीकरण, घृणा और विभाजन है – कांग्रेस

रणदीप सुरजेवाला ने कहा, आरएसएस समाज के किसी हिस्से का प्रतिनिधित्व नहीं करता है

कांग्रेस कार्यसमिति की महाराष्ट्र के वर्धा में होने वाली बैठक से एक दिन पहले पार्टी ने सोमवार को नरेंद्र मोदी सरकार पर जमकर हमला बोला और आरोप लगाया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) एवं पाकिस्तान ‘नफरत, हिंसा फैलाने और लोगों के बीच विभाजन पैदा करने में एक जैसे हैं।’’ पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि कांग्रेस ‘दलितों-पिछड़ों का दमन तथा प्रजातंत्र का हनन करने वाली भाजपा सरकार’ से राहुल गांधी के नेतृत्व में देश को मुक्ति दिलाने के लिये तैयार हैं।

उन्होने संवाददाताओं से कहा, ‘‘ जब गांधी जी और कांग्रेस अंग्रेजों के खिलाफ लड़ रहे थे तो आरएसएस खामोश था। आरएसएस समाज के किसी हिस्से का प्रतिनिधित्व नहीं करता है। यह हिंसा में विश्वास करता है और उसका आधार ध्रुवीकरण, घृणा और विभाजन है।’’

संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान के आरएसएस विरोधी बयान से जुड़ी खबर पर सुरजेवाला ने आरोप लगाया, ‘‘आरएसएस की तरह पाकिस्तान भी हिंसा का समर्थन करता है और वह नफरत और विभाजन का सहारा लेता है। कांग्रेस और भारत की जनता इसका समर्थन नहीं करती हैं।’’

सुरजेवाला ने कहा, ‘राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस, महात्मा गाँधी के मार्ग पर चल कर, देश को आर्थिक अराजकता, किसानों के दमन, भ्रष्टाचारी, बैंक लूट, घोटालों व राफेल के घोटालेबाजों, बेरोजगारी, महिला उत्पीड़न, दलितों-पिछड़ों का दमन तथा प्रजातंत्र का हनन करने वाली ‘भाजपा सरकार’ से मुक्ति दिलाने के लिये तैयार है।’

उन्होंने कहा, ‘ अंग्रेजी हुकूमत भी भारत के संसाधनों को लूट कर विदेश ले जाती थी। भाजपा सरकार भी भारत के ‘बैंक लुटेरों को विदेश भागने की खुली छूट’ देकर भारत के संसाधनों पर डाका डाल रही है । ‘

उन्होंने कहा, ‘अंग्रेजी हुकूमत भी भारत के बहुलतावाद को कुचल कर ‘फूट डालो और शासन करो’ की नीति अपनाए हुए थी। भाजपा सरकार भी सांप्रदायिक-जातीय-क्षेत्रीय बंटवारे और ध्रुवीकरण के बीज बोकर ‘शकुनि’ की भांति हर हालत में सत्ता प्राप्ति के लिए ‘राजनैतिक चौसर’ खेल रही है। ‘

उन्होंने आरोप लगाया, ‘अंग्रेजी हुकूमत भी चंपारण में नील का ‘तीन कठिया कानून’ बनाकर किसानों का दमन करती थी। भाजपा सरकार भी किसानों को फसलों के दाम न देकर ‘आत्महत्या की ड्योढ़ी’ पर जबरन पहुंचाती है और न्याय मांगने पर किसान के ‘सीने में गोलियां’ उतार देती है।’

उन्होंने कहा, ‘अंग्रेजी हुकूमत भी समाज की ‘अंतिम पंक्ति’ के लोगों का शोषण कर गुलामी की जंजीरों में धकेलती थी। बीजेपी सरकार का ‘डीएनए’ भी दलितों, आदिवासियों, पिछड़ों, अल्पसंख्यकों, महिलाओं तथा अंतिम पंक्ति में खड़े लोगों के शोषण एवं प्रताड़ना वाला है।” सुरजेवाला ने कहा, ‘अंग्रेजी हुकूमत भी नमक का ‘काला कानून’ बना कर भारत के नागरिकों को भारी भरकम करों के बोझ तले दबाती थी। भाजपा सरकार भी ‘गब्बर सिंह टैक्स (जीएसटी) और नोटबन्दी’ जैसे मनमाने फैसले थोप कर आम नागरिक और छोटे-छोटे दुकानदार तथा व्यवसायियों की रोजी रोटी पर कुठाराघात करती है।’

उन्होंने दावा किया, ‘अंग्रेजी हुकूमत भी ‘मुट्ठी भर अमीरों’ और ‘जमींदारों’ के हितों को साधकर अपना शासन चलाती थी। मोदी सरकार भी ‘मुट्ठी भर अमीरों और सरमायादारों’ के लिए काम कर रही है और गरीब के अधिकार छीन कर, भारत के संसाधनों को अपने मुट्ठी भर अमीर दोस्तों पर लुटा रही है।’

 

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