कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।

जब जम्मू-कश्मीर में सबकुछ ठीक तो विपक्षी नेताओं के प्रतिनिधिमंडल को वापस क्यों भेजा गया, मोदी सरकार आख़िर क्या छिपा रही है- कांग्रेस

राहुल गांधी समेत 12 विपक्षी नेताओं का प्रतिनिधिमंडल जम्मू-कश्मीर दौरे के लिए दिल्ली से रवाना हुआ था. लेकिन उन्हें श्रीनगर एयरपोर्ट से बाहर नहीं निकलने दिया गया.

कांग्रेस ने राहुल गांधी समेत विपक्षी नेताओं को श्रीनगर एयरपोर्ट से वापस दिल्ली भेजे जाने की घटना की कड़ी निंदा की है. कांग्रेस ने कहा कि यदि सरकार के दावे के अनुसार जब राज्य में सबकुछ सामान्य है तो विपक्षी नेताओं के प्रतिनिधिमंडल को जम्मू-कश्मीर हवाई अड्डे से वापस क्यों भेजा है? केंद्र की मोदी सरकार आख़िर क्या छिपा रही है?

कांंग्रेस ने अपने ट्वीट में मीडिया से की गई बदसलूकी को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा है. पार्टी ने अपने ऑफिसियल ट्विटर हैंडल से ट्वीट करते हुए कहा, “श्रीनगर पुलिस द्वारा मीडियाकर्मियों से आक्रामक रूप से पेश आने और उनको विपक्षी नेताओं के प्रतिनिधिमंडल से मिलने से रोकने की खबरें आ रही है. हम मीडिया के ख़िलाफ़ अपनाए गए कठोर रवैये की कड़ी निंदा करते हैं.”

बता दें कि राहुल गांधी समेत 12 विपक्षी नेताओं का प्रतिनिधिमंडल जम्मू-कश्मीर दौरे के लिए दिल्ली से रवाना हुआ था. लेकिन उन्हें श्रीनगर एयरपोर्ट से बाहर नहीं निकलने दिया गया. मीडिया को जबरदस्ती एयरपोर्ट से बाहर कर दिया गया.

ग़ौर करने वाली बात है कि  राहुल गांधी समेत 12 विपक्षी नेताओं का जम्मू-कश्मीर दौरा तब सामने आया है जब जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक द्वारा विपक्षी नेताओं को चुनौती दी गई. धारा 370 हटने के बाद जब राहुल गांधी ने जम्मू-कश्मीर की स्थिति पर सवाल उठाए तो सत्यपाल मलिक ने उन्हें जम्मू-कश्मीर आकर देखने और फिर बोलने की बात कहीं.

सत्यपाल मलिक ने ट्वीट ने कहा, “मैं राहुल गांधी जी को कश्मीर आने का निमंत्रण देता हूं. मैं उनके लिए एयरक्राफ्ट का भी इंतजाम करूंगा ताकि वह यहां आकर जमीनी हकीकत देख सकें.”

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इस चुनौती को स्वीकार करते हुए लिखा, “प्रिय मलिक जी, मैं जम्मू-कश्मीर और लद्दाख आने के आपके न्योते को स्वीकार करता हूं. हमें एयरक्राफ्ट की जरूरत नहीं है बस वहां के नेताओं और जवानों से मिलने दिया जाए.”

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