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18,000 रुपए न्यूनतम मजदूरी, बेरोज़गारी भत्ता और महिला आरक्षण: CPI (M) ने जारी किया 2019 आम चुनाव का घोषणापत्र

सीपीआई (एम) ने अपने घोषणापत्र में मोदी सरकार के पांच साल के कार्यकाल को जनता के लिए सत्यनाशी बताया है.

सीपीआई (एम) ने लोकसभा चुनावों के मद्देनज़र अपना घोषणापत्र जारी कर दिया है. इसमें पार्टी ने मज़दूरों के लिए उचित मजदूरी और किसानों के हित के लिए कई कदम उठाने की बात कही है.

इसके साथ ही घोषणापत्र में सीपीआई (एम) ने मोदी सरकार के पांच साल के कार्यकाल को जनता के लिए सत्यनाशी बताया है. लोकतंत्र, धर्मनिरपेक्षता पर हमला, शिक्षा प्रणाली का सांप्रदायीकरण, कमज़ोर आर्थिक नीतियां, किसानों की आत्माहत्या और महिला सुरक्षा के मुद्दे पर भी मोदी सरकार को घेरा है.

राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति को लेकर भी सीपीआई एम ने मोदी सरकार को घेरा है. सीपीआई एम के घोषणापत्र की कुछ मुख्य बातें इस प्रकार से नीचे दी गई है:

  • किसानों को लागत से डेढ़ गुना न्यूनतम समर्थन मूल्य दिए जाएंगे.
  • मजदूरों की न्यूनतम मजदूरी 18,000 रुपया महीना निर्धारित किया जाएगा.
  • हर परिवार को महीने में 2 रुपए प्रति किलो के हिसाब से 35 किलोग्राम अनाज देने की गारंटी
  • मुफ्त स्वास्थ्य रक्षा का अधिकार मिलने की बात कही गई है. निजी बीमा संचालित स्वास्थ्य रक्षा व्यवस्था को ख़त्म किया जाए.
  • संसद और राज्य की विधानसभाओं में महिलाओं के लिए एक-तिहाई आरक्षण लागू किया जाएगा.
  • शिक्षा पर सार्वजनिक खर्च बढ़ाकर जीडीपी के 6 फ़ीसदी के बराबर किया जाएगा.
  • काम के अधिकार को संवैधानिक मान्यता दी जाए. बेरोज़गारों के लिए भत्ते की व्यवस्था.
  • वृद्धावस्था पेंशन को 6000 रुपया किया जाए. वृद्धावस्था पेंशन को न्यूनतम मजदूरी के कम से कम आधी राशि दी जाए.
  • अनुसूचित जातियों व जनजातियों के लिए प्राइवेट नौकरियों और शिक्षा में आरक्षण
  • धनवानों पर तथा कॉरपोरेट मुनाफ़ों पर कर बढ़ाए जाएं. अधिक धनी लोगों पर संपत्ति कर लगाया जाए.
  • चुनावी बांड व्यवस्था को निरस्त करने की मांग.

बता दें कि दो हफ़्ते के बाद देश में आम चुनावों की शुरुआत होने वाली है. इसे लेकर सभी राजनीतिक दल अपना-अपना चुनावी घोषणापत्र जारी कर रहे हैं. 2 अप्रैल को कांग्रेस पार्टी अपना मेनिफ़ेस्टो जारी करने वाली है.

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