कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।

क़र्ज़ न जमा करना बना सज़ा-ए-मौत का सबब, किसान की जेल में हो गई मौत

हरियाणा के एक किसान की दिल का दौरा पड़ने की वजह से मौत हुई।

अब तक क़र्ज़ के कारण हुई किसानों की मौत में एक संख्या और बढ़ गई है। ताज़ा मामला हरियाणा के भिवानी का है जहां चेक बाउंस होने पर क़र्ज़ में डूबे एक किसान को क़रीब 15 दिन पहले जेल भेज दिया गया था।

पुलिस अधिकारियों द्वारा बुधवार को दी गई जानकारी में बताया गया है कि 64 वर्षीय रणवीर सिंह ने सोमवार को सीने में बेचैनी की शिकायत की थी जिसके बाद वह जेल में बेहोश होकर गिर पड़े। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन वहां उसकी मौत हो गई।

इस घटना के बाद उनके परिवार वालों ने अंतिम संस्कार के लिए शव लेने या मजिस्ट्रेटी जांच में शामिल होने से इनकार कर दिया। उनकी मांग थी कि उनका क़र्ज़ माफ़ किया जाए साथ ही परिवार के एक सदस्य को नौकरी भी दी जाए जिसे ज़िला प्रशासन ने मान लिया। इसके बाद उनके रिश्तेदार पोस्टमार्टम और अंतिम संस्कार करने के लिए राज़ी हुए।

उपायुक्त अंशाज सिंह ने बताया कि चेक बाउंस होने के मामले में दोषी साबित होने के बाद 21 सितंबर को रणवीर सिंह को जेल भेजा गया था।

उन्होंने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार रणवीर सिंह की मौत संभवत: दिल का दौरा पड़ने की वजह से हुई है।

उन्होंने कहा कि ज़िला प्रशासन मृतक किसान का कर्ज़ माफ़ करने के लिए राज्य सरकार को सिफ़ारिश भेजेगा।

ग़ौरतलब है कि देश भर में किसान क़र्ज़ माफ़ी के लिए लंबे समय से संघर्ष कर रहे हैं। लेकिन सरकार अंधी और बहरी बनी बैठी है। आए दिन देश के किसी न किसी हिस्से में क़र्ज़ न चुका पाने की वजह से किसान आत्महत्या कर रहे हैं। लेकिन इतनी ज़्यादा संख्या में किसान आत्महत्या होने के बावजूद सरकार के कान पर जूं तक नहीं रेंगती है।

बीते 2 अक्टूबर को भारतीय किसान यूनियन के अगुवाई में निकली “किसान क्रांति पदयात्रा” में किसानों पर पुलिस द्वारा बर्बरतापूर्ण कार्रवाई स्पष्ट रूप से दिखाता है कि सरकार की नीतियों में किसानों के लिए कितनी जगह है।‌

पीटीआई इनपुट्स पर आधारित

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