कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।

दिल्ली विश्वविद्यालय करेगा डीयूएसयू अध्यक्ष अंकिव बैसोया के दस्तावेजों का सत्यापन

अंकिव के साथ नामांकित सभी 202 छात्रों द्वारा जमा किए गए दस्तावेजों का सत्यापन करने का फैसाला लिया गया।

जनता के सवाल:

प्रश्न 1 – क्यों विश्वविद्यालय ने दस्तावेजों की जांच का निर्णय लेने में इतना समय लगाया?

प्रश्न 2 – अंकिव बैसोया को ऐसे विवादस्पद परिस्थिति में अब तक अध्यक्ष के पद से क्यों नहीं हटाया गया है?

दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ के अध्यक्ष अंकिव बैसोया के द्वारा जमा दस्तावेज़ो की पुष्टि की जाएगी। विभाग ने बैसोया के बारे में शिकायतें प्राप्त करने के बाद सोमवार को एक बैठक आयोजित की और अंकिव के साथ नामांकित सभी 202 छात्रों द्वारा जमा किए गए दस्तावेजों का सत्यापन करने का फैसाला लिया था।

अधिकारी ने कहा, “हम किसी भी छात्र को अकेला नहीं करना चाहते हैं। छात्रों द्वारा जमा नकली दस्तावेजों की बहुत शिकायते हैं। हमें फोन के माध्यम से 50-60 शिकायतें मिली हैं।”

इस बीच वामपंथी अखिल भारतीय छात्र संघ (एआईएसए) कला संकाय में एकत्र हुए और मामले में विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा निष्क्रियता के ख़िलाफ़ विरोध किया। उन्होंने इस मामले में तुरंत जांच की मांग के साथ अंकिव बैसोया को अध्यक्ष पद से हटाने की मांग की।

गौरतलब है कि पिछले सप्ताह नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआई) ने आरोप लगाया था कि अंकिव बैसोया ने विश्वविद्यालय में प्रवेश पाने के लिए नकली दस्तावेज जमा किए थे। उन्होंने तिरुवल्लुवार विश्वविद्यालय से एक पत्र जारी किया था जिसमें कहा गया था कि बैसोया द्वारा जमा बी.ए प्रमाण पत्र नकली है।

पीटीआई इनपुट्स पर आधारित

 

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