कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।

मोदी सरकार की निजीकरण नीति के ख़िलाफ़ रक्षा प्रतिष्ठानों के कर्मचारियों में आक्रोश, 23-25 जनवरी तक करेंगे हड़ताल

अखिल भारतीय रक्षा कर्मचारी महासंघ के प्रवक्ता ने कहा कि मोदी सरकार में किसी रक्षा मंत्री ने उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया.

मोदी सरकार द्वारा रक्षा उत्पादन क्षेत्र के निजीकरण के ख़िलाफ़ कई सशस्त्र बलों ने तीन दिवसीय हड़ताल का ऐलान किया है. आयुध कारखानों और रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) समेत विभिन्न सशस्त्र बलों के कर्मचारी 23-25 जनवरी तक हड़ताल पर रहेंगे.

नेशनल हेराल्ड की रिपोर्ट के अनुसार, 41 आयुध कारखानों, 52 डीआरडीओ प्रयोगशालाओं और अन्य उत्पादन इकाइयों के कर्मचारियों ने पिछले दो सालों में निजीकरण में मोदी सरकार के प्रयास के ख़िलाफ़ कई बार आवाज उठाई है.

अखिल भारतीय रक्षा कर्मचारी महासंघ के प्रवक्ता ने कहा कि अरुण जेटली, मनोहर पर्रिकर, निर्मला सीतारमण- सहित मोदी सरकार में किसी रक्षा मंत्री ने उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया.

रिपोर्ट के मुताबिक, “नॉन-कोर” घोषित किए गए 200 से अधिक उत्पादों का उत्पादन आउटसोर्स किया गया है. इनमें पैराशूट और टेंट जैसी महत्वपूर्ण वस्तुएं भी शामिल हैं. वर्तमान में कर्मचारियों के भीतर अपनी नौकरियों की सुरक्षा को लेकर भी डर है.

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